सुभाष पटेल बताते हैं कि विनोदी स्वभाव के अटल जी आंवला की जनसभा में ये किस्सा सुनाना नहीं भूले। जनता से कहा कि अभी राजवीर की गाड़ी फंस गई थी, फिलहाल मैं साथ था तो निकल गई। अब आप लोग चुनाव में इनकी गाड़ी मत फंसा देना।
इस पर वहां मौजूद लोगों ने ठहाके लगाए और राजवीर सिंह को चुनाव जिताने की हामी भरी। सुभाष पटेल ने हेमवती नंदन बहुगुणा के साथ बरेली के अपने संस्मरण भी साझा किए। कहा कि पहले बेहद कम खर्च में सादगी से चुनाव हो जाते थे। इससे गरीब तबके से जुड़े नेताओं को भी मौका मिल जाता था। अब आयोग कितनी भी सख्ती बरते पर पर्दे के पीछे करोड़ों रुपये खर्च हो जाते हैं।