बरेली। परचम कुशाई की रस्म के साथ मंगलवार को उर्स-ए-आले रसूल वामिको निशात का आगाज खानकाह वामिया निशातिया में हुआ। इसमें बड़ी तादाद में अकीदतमंदों ने शिरकत की। इससे पहले बाग अहमद अली तालाब से जुलूस-ए-परचम वामिकी एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी की ओर से निकाला गया।
खानकाह के सज्जादानशीन बदरे तरीकत मौलाना सैयद असलम मियां वामिकी की कयादत में यह जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होते हुए शहदाना रोड स्थित खानकाह पहुंचा। खानकाह पर मौलाना असलम मियां ने परचम कुशाई की रस्म अदा की। मुल्क व अवाम की खुशहाली और तरक्की के लिए खास दुआएं कीं।
इससे पहले सुबह कुरान ख्वानी के बाद सालातो सलाम और दोपहर में फातेहा हुई। परचम कुशाई के बाद रात में रुहानी महफिल सजाई गई। देर रात एक बजे महबूब-ए-इलाही हजरत निजामुद्दीन औलिया के कुल शरीफ रस्म अदा की गई। चिश्तिया रंग के बाद नजर पेश कर दुआ की गई।
इस मौके पर सैयद शीराज अशरफ वामिकि, हसनैन वामिकी, जीशान वामिकि, सलमान वामिकि, जामिल अली वामिकी आदि मौजूद रहे। सैयद शीराज ने बताया कि बुधवार को दोपहर 12 बजे गिलाफ व चादरपोशी और रात नौ बजे से महफिल-ए-समा का आयोजन किया जाएगा।