बरेली में उर्स-ए-रजवी के दूसरे दिन शुक्रवार को इस्लामिया मैदान में दहेज हटाओ-बेटी बचाओ व मुसलमानों में फैली सामाजिक बुराइयां, सोशल मीडिया और हमारे नौजवान पर उलमाओं ने चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि मुस्लिम नौजवान नशे का आदी हो रहा है। इससे नौजवान नस्ल को बचाना होगा। साथ ही सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल करना होगा। आज इसके गलत इस्तेमाल के कारण कितने ही नौजवान जेलों में बंद हैं।
उलमाओं ने कहा कि दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों की वजह से हमारी बेटियों के कदम बहक रहे हैं। हाल में कई बेटियां हमारी गैरों के साथ चली गईं। इसकी बड़ी वजह दहेज है। दहेज की जगह बेटियों को विरासत में हिस्सा दें। बेटियां का मां बाप और भाई खास ख्याल रखें। उनकी सही उम्र में शादी कर दें। शादियों में फिजूलखर्ची व गैर शरई रस्में खत्म करने की जरूरत है। निकाह को आसान किया जाए।