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आंवला में फिर पटरी से उतरे तेल भरे दो वैगन, एक सप्ताह में तीसरी घटना

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डिरेल हुए तेल के वैगन।
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आंवला स्टेशन से भारत पेट्रोलियम डिपो जा रही थी ऑयल रैक
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बरेली। आंवला स्टेशन से भारत पेट्रोलियम डिपो जा रही ऑयल रैक के दो वैगन मंगलवार सुबह फिर पटरी से उतर गए। इससे 75 स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। एक सप्ताह में एक ही जगह पर डिरेलमेंट की यह तीसरी घटना है। मंडल मुख्यालय ने इसकी जांच शुरू करा दी है।
नौ दिसंबर को यहां पहला डिरेलमेंट हुआ था। उस दौरान पानीपत के प्याली डिपो से डीजल-पेट्रोल लेकर आई रैक डिपो में प्रवेश करने से कुछ पहले ही डिरेल हो गई थी। वैगन पटरी से उतरने की वजह से करीब 20 मीटर तक स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए थे। गनीमत यह रही कि वैगन पटरी से उतरने के बाद पलटा नहीं। बाद में जब इस वैगन को पटरी पर चढ़ाकर रैक को आगे बढ़ाया गया तो वह फिर डिरेल हो गई। जैसे-तैसे ऑयल रैक को डिपो तक पहुंचाया गया।
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मंगलवार सुबह आठ-साढ़े आठ बजे के बीच बहादुरगढ़ से तेल लेकर आई रैक के दो वैगन पटरी से उतर गए। यह घटना भी डिपो से कुछ दूरी पर हुई। गनीमत यह रही है कि डिपो में प्रवेश करने से पहले ऑयल रैक की गति बहुत कम थी। इस वजह से पटरी पर उतरने के बाद भी वैगन पलटे नहीं, अगर यह पलट जाते तो गंभीर हादसा हो सकता था। ट्रेन डिरेलमेंट की सूचना पर आरपीएफ और रेलवे के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मेन ट्रैक क्लियर किया जा सका।
दो घंटे रुकी रही दिल्ली-बरेली पैसेंजर
ऑयल वैगन पटरी से उतरने के बाद मेन ट्रैक को क्लियर करने में करीब दो घंटे का समय लगा। इस दौरान पुरानी दिल्ली से बरेली आने वाली 04304 बरेली स्पेशल खड़ी रही। दो घंटे तक ट्रेन खड़ी रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई।
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बार-बार क्यों हो रहा डिरेलमेंट, बैठाई जांच
एक ही जगह पर बार-बार डिरेलमेंट को लेकर मंडल मुख्यालय ने जांच बैठा दी है। मुरादाबाद मंडल रेल प्रबंधक अजय नंदन ने पूरी रेलवे साइटिंग का निरीक्षण कर डिरेलमेंट के कारणों का पता लगाने को कहा है। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो एक ही जगह पर दो ऑयल रैक डिरेल हुई हैं। ऐसे में ट्रैक में ही किसी समस्या होने का संदेह है। हालांकि हकीकत तो जांच के बाद ही सामने आएगी।
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