उसहैत थाना क्षेत्र के अटेना गंगाघाट पर बुधवार को गंगा नदी में डूबकर मैनपुरी जिले के दो कांवड़ियों की मौत हो गई। दोनों कांवड़िये अपने 27 साथियों के साथ महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए गंगाजल भरने आए थे। दोपहर में गंगा स्नान के दौरान ये हादसा हो गया। जिला अस्पताल में मौत की पुष्टि के बाद पुलिस ने दोनों के शव मोरचरी में रखवा दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक मैनपुरी जिले के बिछुआ थाना क्षेत्र के गांव करीमगंज निवासी अमरजीत (20) पुत्र आशाराम और इसी थाना क्षेत्र के ही गांव सिगारपुर निवासी सुबोध शाक्य (26) पुत्र पंछीलाल अपने करीब 27 लोगों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से अटेना गंगा घाट पर जल भरने आए थे। दोपहर करीब 12 बजे सभी कांवड़िये गंगा स्नान कर रहे थे। नहाते हुए अचानक अमरजीत और सुबोध गहरे पानी में चले गए। वह डूबने लगे तो बचने को चिल्लाए। कुछ साथियों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन तब तक दोनों डूब गए।
इसकी सूचना पर तुरंत इंस्पेक्टर चेतराम वर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गोताखोरों को लगाकर दोनों युवकों की तलाश कराई। उन्हें खोजने में करीब एक घंटा लग गया। तब कहीं उन्हें बाहर निकाला जा सका। जीवित होने की उम्मीद में उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने उनके परिवारवालों को सूचना दी है। उनके आने के बाद ही पोस्टमार्टम कराये जाएंगे।
अमरजीत को बचाने में सुबोध की गई जान
अटेना गंगा घाट पर स्नान के दौरान सबसे पहले अमरजीत गहरे पानी में डूबा था। प्रत्यक्षदर्शी साथियों के मुताबिक सभी कांवड़िये गंगा किनारे स्नान कर रहे थे, लेकिन अमरजीत और सुबोध कुछ अंदर चले गए। वहां एक गहरा कुंड था। इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी।
सबसे पहले अमरजीत पानी में डूबा। उसके नजदीक सुबोध नहा रहा था। इससे वही अमरजीत को बचाने के लिए आया था। जबकि अन्य साथी गंगा किनारे थे। जब तक उन्होंने चीखपुकार की। तब तक सुबोध उसके पास पहुंच गया। उसने अमरजीत को निकालने की काफी कोशिश की, लेकिन दोनों भंवर में फंस गए और गहरे पानी में डूबते चले गए। ये हादसा देखकर उनके साथियों के होश उड़ गए। बताते हैं कि इस दौरान सुबोध का छोटा भाई विवेक भी मौजूद था। वह अपने भाई को बचाने के लिए चीख रहा था। गहरे पानी के आगे उन्हें बचाने की किसी की हिम्मत नहीं हुई।
प्रधानी लड़ना चाहता था सुबोध, खुशदिल था अमरजीत
मूल रूप से मैनपुरी जिले के थाना बिछुआ क्षेत्र के ग्राम सिगारपुर निवासी सुबोध चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। वह अपने गांव में एक दुकान चलाता था, अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। वह प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था लेकिन उसके गांव की एससी सीट हो गई। इससे प्रधानी का चुनाव लड़ने का उसका सपना अधूरा रह गया। साथी बताते हैं कि अमरजीत काफी खुशदिल था। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। वह रास्ते भर हंसी मजाक करता आया था। उसकी मौत से उसके साथियों को भी गहरा दुख है।
- मैनपुरी जिले से 27 लोग जल भरने आए थे। इनमें दो युवकों की गंगा में डूबकर मौत हो गई है। जब उन्हें निकाला था, तब वह जीवित लग हो रहे थे। उन्हें आननफानन जिला अस्पताल लाया गया लेकिन यहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके परिवारवाले आ रहे हैं। उसके बाद ही पोस्टमार्टम कराए जाएंगे।
- चेतराम वर्मा, इंस्पेक्टर उसहैत