सूदखोरों से त्रस्त होकर हेड मास्टर के खुदकुशी करने का मामला
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वारंट के बाद भी गिरफ्तारी न होने पर की जाएगी कुर्की की कार्रवाई
बरेली। सूदखोरों के उत्पीड़न के चलते हेड मास्टर चंद्रपाल ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। मगर इस मामले का मुख्य आरोपी हौजरी व्यापारी कपिल छाबड़ा और पप्पू को पुलिस नहीं पकड़ पाई है। पुलिस ने उनका गैर जमानती वारंट लेने के लिए कोर्ट में आवेदन किया है। वहीं, पीड़ित के परिजन ने अधिकारियों से शिकायत कर उन पर समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
मीरगंज के गांव संजरपुर निवासी प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टर चंद्रपाल ने 29 जून को जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। उनकी जेब से एक सुसाइड नोट और मोबाइल में वीडियो मिला था। इसमें उन्होंने रेशमा हास्पिटल के पास रहने वाली गुड़िया, शास्त्रीनगर के संतोष कुमार, पप्पू और कपिल हौजरी के मालिक कपिल छाबड़ा को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। आरोप था कि इन लोगों से उन्होंने कुछ रुपये उधार लिए थे और चार गुने रुपये दे चुके थे। इसके बावजूद आरोपी उनके और पत्नी गीता के साइन किए चेक के जरिये आरोपी उन्हें जेल भिजवाने की धमकी देते थे।
चंद्रपाल की मौत के बाद इन सभी आरोपियों के खिलाफ थाना मीरगंज में रिपोर्ट दर्ज की गई। गुड़िया और संतोष को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है मगर मुख्य आरोपी कपिल छाबड़ा और पप्पू अब भी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। हेड मास्टर के भाई चंद्रप्रकाश ने एडीजी, आईजी और डीएम कार्यालय में शिकायत करके उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। चंद्रप्रकाश का आरोप है कि आरोपियों के करीबी उन लोगों को धमकाकर समझौते का दबाव बना रहे हैं। वहीं, मीरगंज इंस्पेक्टर दयाशंकर ने बताया कि दोनों आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी कराने के लिए कोर्ट में आवेदन किया गया है। वारंट जारी होने के बाद भी आरोपी नहीं पकड़े गए तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।