नामांकन वापसी की सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने पर चुनावी कमेटी ने जताई नाराजगी
बरेली। आईएमए चुनाव के लिए हुए नामांकन और स्क्रूटनी के बाद अध्यक्ष पद के एक दावेदार ने नामांकन वापसी की घोषणा कर दी है। सोशल मीडिया पर उनके द्वारा नामांकन वापस लेने की पोस्ट पर चुनाव कमेटी ने नाराजगी जताई। बताते हैं कि उन्होंने अध्यक्ष पद के एक दावेदार के समर्थन में नामांकन वापस लेने की बात कही, जिसेे आचार संहिता का उल्लंघन माना गया। अगर विधिवत नामांकन वापस लिया गया तो मैदान में चार दावेदार होंगे।
14 सितंबर को आईएमए में विभिन्न पदों पर नामांकन कराने वालों की ओर से नामांकन वापस लिए जाने का आखिरी दिन है। चार सितंबर को नामांकन पेटी खुली थी और नौ सितंबर को नामांकन पर्चों की जांच की गई। नामांकन वापसी के बाद जिन पदों पर निर्धारित पदों से ज्यादा दावेदार होंगे, उन्हीं पदों के लिए 19 सितंबर को मतदान होगा। बताया जाता है कि शुक्रवार को आईएमए में अध्यक्ष पद के पांच दावेदारों में से एक दावेदार ने सोशल मीडिया के ग्रुप पर अपना नामांकन वापस लिए जाने का पोस्ट डाल दिया। इसमें नामांकन वापस लेने की वजह अध्यक्ष पद के ही एक दावेदार का जिक्र करते हुए उनके समर्थन की बात कही।
जानकारी के मुताबिक, ग्रुप में चुनाव कमेटी के पदाधिकारी भी जुड़े हैं, उन्होंने पोस्ट का संज्ञान लेकर नामांकन वापस ले रहे दावेदार को चेतावनी दी। उन्हें आचार संहिता का हवाला देते हुए उनकी पोस्ट में दूसरे दावेदार का समर्थन किए जाने को नियमों के खिलाफ बताया। भविष्य में ऐसे किसी पोस्ट को वायरल करने पर चेताया है। हालांकि, अभी उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया है। प्रकरण चर्चा का विषय बना है।
निर्विरोध नहीं... त्रिकोणीय मुकाबले की सुगबुगाहट
बताया जाता है कि एक दावेदार ने नामांकन वापस लेने का पोस्ट डाल दिया है। लिहाजा, चुनाव में अब चार दावेदार माने जा रहे हैं। आईएमए के कद्दावर अपने करीबी के समर्थन में एक चिकित्सक को मनाने में जुट गए हैं। बताया जाता है कि वह भी समर्थन को तैयार हैं। शेष तीन दावेदारों में दो की स्थिति मजबूत बताई जा रही है। एक दावेदार और हैं पर वह मुकाबले से पीछे हटने को तैयार नहीं हो रहे। उधर, आईएमए के दिग्गज अबकी बार निर्विरोध चुनाव क राना चाहते हैं। हालांकि, अभी तक कोई गुट चुनाव के लिए खुलकर सामने नहीं आया है। कल यानी मंगलवार को नामांकन वापसी के बाद स्थितियां काफी हद तक साफ हो जाएंगी।