जम्मू के उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। त्रिशूल हवाई अड्डा और कैंट के सैनिक एरिया में विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए है।
यहां इज्जतनगर इलाके में सेना का प्रमुख त्रिशूल हवाई अड्डा है। कैंट में यूबी एरिया का मुख्यालय है। बुखारा में आईटीबीपी कैंप और फतेहगंज पश्चिमी में बीएसएफ का कैंप है। इससे बरेली आतंकियों की निगाह में है। पहले गुलाब खां व एजाज जैसे आतंकी पकड़े जा चुके हैं, जो इस क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। इसके मद्देनजर जिला पुलिस और खुफिया विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। त्रिशूल हवाई अड्डे की बाहरी सुरक्षा के लिए पुलिस की दो क्यूआरटी बनाई गई हैं। क्यूआरटी में एक टीम लीडर और चार सिपाही रहेंगे। क्यूआरटी के पुलिस के लिए विशेष जवान चिह्नित किए गए हैं। ये जवान एके 47, इंसाफ और एसएलआर रायफल से लैस रहेंगे। क्यूआरटी 24 घंटे त्रिशूल हवाई अड्डे के चारो ओर भ्रमण करती रहेंगी। इज्जतनगर इंस्पेक्टर को रात में पुलिस और पीएसी के साथ गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह दो क्यूआरटी कैंट स्थित सैनिक एरिया में लगाई गई हैं। कैंट इंस्पेक्टर को पुलिस और पीएसी के साथ सैनिक क्षेत्र की निगहबानी करने निर्देश हैं। आईटीबीपी और बीएसएफ कैंप के बाहरी इलाकों में भी पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
त्रिशूल हवाई अड्डा और सैनिक एरिया में सुरक्षा के लिहाज से क्यूआरटी लगाई गई है। क्यूआरटी के जवानों को चौबीस घंटे अलर्ट रहने का निर्देश है। थाना पुलिस के साथ पीएसी को भी लगाया गया है। - समीर सौरभ, एसपी सिटी
त्रिशूल के पास बना लिया स्वीमिंग पूल
पठानकोट हमले के बाद से ही रक्षा मंत्रालय से त्रिशूल एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा कड़ी करने के लगातार कह रहा है लेकिन बरेली के अधिकारी इस मामले पर कर्त गंभीर नहीं हैं। त्रिशूल के आसपास निर्माण कार्यों पर रोक नहीं लग पा रही है। इस बीच एयरफोर्स की बाउंड्री के पीछे स्वीमिंग पूल बन गया है । बताया गया है कि इसका निर्माण किसी शमशुद्दीन ने कराया है। यह स्वीमिंग पूल आम पब्लिक के लिए खोला गया है। इसका प्रयोग करने वालों से 20 रुपये प्रति घंटा चार्ज लिया जाता है। स्वीमिंग पूल बनाने के लिए किसी की अनुमति भी नहीं ली गई। इसी तरह एयरफोर्स के पूर्वी गेट के सामने नार्थ सिटी विस्तार में एक बिल्डर की ओर से दो मंजिला निर्माण कराया जा रहा है। इसकी शिकायत रक्षामंत्रालय को भेजी गई है। शिकायतकर्ता शाहबुद्दीन ने कहा है कि त्रिशूल के पूर्वी गेट से सौ मीटर की दूरी पर दोमंजिला भवन का निर्माण बीडीए से नक्शा पास कराए बिना ही बनवाया जा रहा है लेकिन बीडीए के कर्मचारी निर्माण रुकवा नहीं रहे हैं। निर्माणाधीन बिल्डिंग की ऊंचाई 30 फिट होगी, जिसकी छत से एयरफोर्स परिसर के अंदर नजर रखी जा सकती है। वहीं, एयरफोर्स स्टेशन के अफसरों का कहना है कि त्रिशूल के बाहर निर्धारित सीमा में निर्माण रोकने के लिए कई बार प्रशासन को कहा जा चुका है। निर्माण न होने देने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और बीडीए की है। समय-समय पर इससे अफसरों का अवगत कराया जाता है।
जल्द होगी सैन्य अफसरों के साथ बैठक
त्रिशूल और सेना क्षेत्र की सुरक्षा की दृष्टि से कमिश्नर प्रमांशु कुमार और आईजी विजय सिंह मीणा जल्दी ही बैठक करेंगे। इस बैठक में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ सेना के अधिकारी भी शामिल होंगे। आईजी श्री मीणा आजकल बिजनौर में कैंप किए हुए हैं। संकेत मिले हैं कि वहां से लौटने के बाद 23 सितंबर को मंडलीय समीक्षा बैठक के बाद सैन्य क्षेत्र की सुरक्षा पर भी बैठक होगी। जिसमें विस्तार से चर्चा होगी।