समाजवादी पार्टी में शीर्ष स्तर पर चचा-भतीजे की लड़ाई में चारों यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष हटाए जाने के बाद बरेली में भी फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी खुलकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में आ गए। हाल ही में बनाए गए मुलायम यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय महासचिव सूरज यादव ने सीएम के समर्थन में अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। इनके साथ सपा लोहिया वाहिनी के महानगर अध्यक्ष समेत सात पदाधिकारियों ने भी सीएम के समर्थन में अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। सपा के जिला उपाध्यक्ष हरीशंकर यादव ने हालांकि अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया लेकिन व्हाट्सएप किया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ही उनके नेता हैं। उनको शिवपाल सिंह का नेतृत्व स्वीकार नहीं है।
सूरज यादव को हाल ही में नौ सितंबर को मुलायम यूथ ब्रिगेड का राष्ट्रीय महासचिव मनोनीत किया गया था। सपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने पार्टी के चार यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्षों को हटाने के बाद चले इस्तीफे के दौर में इन्होंने भी सीएम के समर्थन में अपना पद छोड़ने की घोषणा कर दी। मुलायम यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैदर अली, प्रदेश सचिव हरेंद्र कनौजिया, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सैयद नगमी अली और जिला उपाध्यक्ष अक्षय मैसी ने भी अपने पदों से त्याग पत्र दे दिया। सपा लोहिया वाहिनी के महानगर अध्यक्ष फैज मोहम्मद, उपाध्यक्ष इरशाद रजा खां, महासचिव अतुल मेहरोत्रा, नजमुद्दीन मंसूरी, यूनुस गद्दी और अतींद्र मौर्य और युवजन सभा के प्रदेश सचिव अनिल यादव ने भी सीएम के समर्थन में अपने पद छोड़ने की घोषणा की।
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जिन लोगों ने अपने पदों से इस्तीफा दिया है, उनकी हैसियत अपना बूथ जिताने तक की नहीं है। ये दिन में अखिलेश वादी रहते हैं और रात में मायावादी हो जाते हैं। मुख्यमंत्री ने भी कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील की थी। उसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने को तो नहीं कहा। फिर क्यों इस्तीफा दे रहे हैं। वीरपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा