बरेली। कैंट स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर मुरादाबाद मंडल मुख्यालय ने रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट भेज दी है। पिछले सप्ताह डीआरएम आरके सिंह भी मुरादाबाद-चंदौसी-आंवला-बिशारतगंज-कैंट स्टेशनों का निरीक्षण कर चुके हैं। बरेली-चंदौसी रेल लाइन का दोहरीकरण भी प्रस्तावित है। अगले माह आने वाले केंद्रीय बजट में अच्छी खबर मिल सकती हैं। रेल रूट पर ट्रेनों की गति बढ़ाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।
बरेली-चंदौसी-अलीगढ़ रूट पर पांच जोड़ी ट्रेनें रामगंगा से कैंट स्टेशन होने हुए संचालित होती हैं। इन ट्रेनों का कैंट में ठहराव नहीं है। ऐसे में बरेली के लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पाता। काफी समय से कैंट स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग हो रही है। इसमें अभी कुछ समय लग सकता है। ठहराव मिलने के बाद आसपास के गांवों के लोगों के साथ-साथ उत्तर भारत सैन्य मुख्यालय, सिक्स माउंटेन डिविजन, आईटीबीपी हेड क्वार्टर को भी यहां से ट्रेनों की कनेक्टिविटी मिलेगी।
बैठकों में उठता रहा है मामला
मुरादाबाद रेल मंडल की उपभोक्ता सलाहाकार समिति की बैठकों में भी समय-समय पर कैंट स्टेशन के विकास और यहां ट्रेनों के ठहराव का मामला उठता रहा है। दो वर्ष से इस रेलखंड पर ट्रेनों की औसत गति बढ़ाने के लिए काम चल रहा है। विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है। दोहरीकरण के लिए भी स्वीकृति मिल गई है। ठहराव को लेकर भी जल्द ही निर्णय आने की उम्मीद है।