इस बार बरेली विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दल और निर्दलीय प्रत्याशियों को मिलाकर 97 प्रत्याशी मैदान में है। सभी प्रत्याशी चुनाव में पूरी ताकत झोंक चुके हैं। अब परिणाम का समय आ चुका है। सबका दावा है कि उन्हें ही जनता ने आशीर्वाद दिया है इसलिए उनकी जीत पक्की है। सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होगी और दोपहर दो बजते-बजते तस्वीर साफ हो जाएगी। फिलहाल बरेली की सभी नौ सीटों पर भाजपा का कब्जा है। इस बार चुनाव में कैंट सीट से सर्वाधिक 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि भोजीपुरा से सबसे कम पांच प्रत्याशी हैं। इसके अलावा आंवला सीट से 10, बहेड़ी और बरेली शहर से 11-11, बिथरी चैनपुर से 14, फ रीदपुर से 12, मीरगंज से सात और नवाबगंज सीट से 12 प्रत्याशी मैदान में हैं।
हर सीट पर जीतेंगे
1993 का रिकार्ड तोड़ेंगे
सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने बरेली में 1993 में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। जिले की सात सीटों पर सपा जीती थी। शहर और नवाबगंज सीट पर जीत हासिल नहीं कर सके थे, इस बार उसकी कमी भी पूरी जाएगी। सपा कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर काम किया है। कार्यकर्ताओं के उत्साह से साफ हो चुका है कि हम सभी नौ सीटों पर जीतने जा रहे हैं। भाजपा के खिलाफ जनता ने जबरदस्त मतदान किया है। इस बार नया इतिहास लिखा जाएगा।
चार सीटों पर भाजपा से सीधा मुकाबला
हमारे पक्ष में आएंगे परिणाम
कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी का कहना है कि पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी की प्रतिज्ञाओं को लेकर वे गांव-गाव, मोहल्ले-मोहल्ले गए। हर जगह प्रियंका गांधी के संघर्ष को लोगों ने सराहा। हमने मुद्दों की बात कर विकास के नाम पर वोट मांगा। जनता का जिस तरह से समर्थन मिला, उम्मीद है कि कांग्रेस के पक्ष में परिणाम आएंगे। बरेली सहित पूरे प्रदेश की जनता भाजपा से नाराज थी। उसके विपक्ष में जनता ने वोट किया। उम्मीद है कि कांग्रेस के पक्ष और भाजपा के विपक्ष में परिणाम आएंगे।