स्मैक को ग्रीन लेवल, चरस को ब्लैक डॉग कहकर बेचते थे आरोपी
सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों ने कबूला कि यह माल अफजाल का है। इसको अफजाल एवं उसके बेटे बिलाल और उसका दोस्त रिजवान नेपाल जाकर रोडवेज बस से लाते हैं। नेपाल में इनको यह माल वीरजी नाम का व्यक्ति देता है। बरेली में माल आने पर पकड़े गए तीनों आरोपी दिल्ली, रामपुर तथा उत्तराखंड तक ग्राहक के अनुसार बेचा जाता है।
फारूख किराये पर लेकर टेंपो चलाता है। टेंपो से ही वह माल सप्लाई करता है। किसी को शक न हो इसीलिए जहां भी माल सप्लाई करना होता है, टेंपो में दिखावे के लिए कुछ सवारियां बैठा लेता है। यह माल बाइक से पशुपति नाथ कॉलोनी स्थित किराये के कमरे पर जाना था। वहां से ग्राहक को सप्लाई देने से पहले पकड़े गए। इन लोगों के बीच आपसी बात हमेशा व्हाट्सएप कॉलिंग व कोडवर्ड में होती है।
यह भी पढ़ें- Bareilly News: कोचिंग जा रही छात्रा से सरेराह की छेड़खानी, मुठभेड़ में आरोपी गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
जैसे स्मैक के लिए ग्रीन लेवल शब्द का इस्तेमाल होता है। चरस व सुल्फा के लिए ब्लैक डॉग का इस्तेमाल किया जाता है। ग्राहक से संपर्क होने पर उसका कोडवर्ड के रूप में उस जिले के आरटीओ के नंबर को आधार मानकर सेव करते हैं। जैसे कोई बदायूं का ग्राहक है तो उसे 2424 कोड फीड करते हैं।
15 ग्राम स्मैक के साथ तस्करी का आरोपी गिरफ्तार
फतेहगंज पश्चिमी में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 15 ग्राम स्मैक के साथ तस्करी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, शनिवार को मुखबिर ने सूचना दी कि थाना भोजीपुरा के गांव सैदपुर चुन्नीपुर निवासी मान खां कस्बे से स्मैक खरीदकर जा रहा है।
सूचना के आधार पर टीम ने राधा-कृष्ण मंदिर के पास घेराबंदी करके आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से स्मैक बरामद हुई। थाने लाकर पूछताछ करने पर उसने कस्बे के एक शातिर तस्कर के गुर्गे से स्मैक खरीदने की बात कही। उसकी तलाश की जा रही है। सूत्रों की मानें तो एक सफेदपोश तस्कर के गुर्गे को बचाने की कोशिश में जुटा है।