ससुर पर दबाव बनाकर बहन के नाम कराई थी जमीन की वसीयत
बहेड़ी। ग्वारी गौंटिया में किसान राजेश सिंह और उनके दोस्त रोहिताश गंगवार के दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। यह वारदात राजेश की पुत्रवधु रचना के भाई सूर्या प्रताप ने अपने नौ दोस्तों के साथ मिलकर अंजाम दी थी। सूर्या ने राजेश को ब्लैकमेल करके उनसे करीब एक करोड़ रुपये की जमीन की वसीयत रचना के नाम कराई थी। मगर राजेश इसे कैंसिल कराने जा रहे थे, जमीन अपने हाथ से निकलते देख उसने राजेश की हत्या कर दी। रोहिताश घटना का भेद खोल देते इसलिए उन्हें भी मार दिया।
बता दें कि दो अक्टूबर की रात ग्वारी गौंटिया में रहने वाले राजेश सिंह और उनके दोस्त रोहिताश गंगवार लकड़ी बेचकर बाइक से घर लौट रहे थे। तभी गांव से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। लकड़ी बिक्री के करीब 70 हजार रुपये राजेश की जेब से बरामद होने के बाद यह साफ हो गया कि हत्या लूट के इरादे से नहीं हुई है। इस मामले में राजेश के भतीजे धनंजय सिंह ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मगर परिवार वालों ने राजेश सिंह की पुत्रवधु रचना के मायके वालों पर इस वारदात का शक जताया था।
एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि सर्विलांस और अन्य कड़ियों को जोड़ने के बाद पुलिस ने रविवार को रचना के भाई सूर्या प्रताप, उसके दोस्त नवाबगंज के गांव डंडिया फैजुल्ला के शंकर लाल, शेरगढ़ के गांव सिसई के बिलाल, देवरनियां के गांव रोहिला के लवीश, बहेड़ी के मोहल्ला केशवपुर के सोनू, मनकापुर के मनोज गंगवार और महादेवपुरम के प्रशांत को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया गया है।
दोस्ती के जुनून में 12 किलोमीटर पीछा करके की वारदात
पुलिस के मुताबिक एक महिला के राजेश से संबंध थे। इसके चलते ही दिसंबर 2020 में उसने दबाव बनाकर राजेश के बेटे सोमवीर उर्फ रवि से अपनी रिश्तेदार रचना की शादी करा दी। फिर रचना का भाई राजेश से कहने लगा कि उनकी वजह से उसकी बहन की बदनामी हो रही है। इसी का दबाव बनाकर उसने सात जून को राजेश से करीब एक करोड़ रुपये कीमत की 30 बीघा जमीन की वसीयत रचना के नाम करा दी। जब यह मामला परिवार में खुला तो झगड़ा हुआ और रचना मायके चली गई। वहीं, परिवार वालों के कहने पर राजेश ने वसीयत कैंसिल कराने की तैयारी शुरू कर दी। सूर्या ने बताया कि उसे लगा कि यह संपत्ति अब उन लोगों के हाथ से निकल जाएगी। इसी वजह से उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजेश की हत्या की योजना बनाई। दो अक्तूबर की सुबह से ही वे लोग उनके पीछे लगे थे। शाम को घर लौटने के दौरान वे लोग बहेड़ी से उनका पीछा कर रहे थे। करीब 12 किलोमीटर पीछा करने के बाद जब जब राजेश और रोहिताश गांव से कुछ दूरी पर थे तो उन लोगों ने कार से उनकी बाइक में टक्कर मार दी। फिर राजेश की गोली मारकर हत्या कर दी लेकिन रोहिताश ने उन लोगों को पहचान लिया था इसलिए उन्हें भी मार दिया। अन्य आरोपियों ने बताया कि सूर्या से उन लोगों की दोस्ती थी, इस वजह से वे लोग इस वारदात में शामिल हुए।
पुत्रवधु और उसकी मां को भी बनाया आरोपी
इस हत्याकांड में शामिल सूर्या के दो दोस्त समेत चार आरोपी अभी फरार हैं। उनमें एक आशीष है और दूसरा कार चालक है। इसके अलावा राजेश की पुत्रवधु रचना और उसकी मां को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है, वे भी अभी फरार हैं। मुकदमे में सामूहिक रूप से वारदात के लिए धारा 147 और षडयंत्र रचने के लिए 120बी की बढ़ोत्तरी भी की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से तीन तमंचे भी बरामद हुए हैं। सूर्या पर पूर्व में भी जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हो चुका है।
जंगल में एनकाउंटर का डर दिखाकर कबूल कराई वारदात
बहेड़ी। पुलिस ने क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और स्वाट टीम के साथ इस घटना का खुलाया किया है। मगर आरोपियों के परिजन ने इस पर सवाल उठाए हैं। सूर्या के परिजन का आरोप है कि उसे चार दिन पहले पकड़ लिया गया था और पिटाई करके यह वारदात कबूल कराई है। उसके मोबाइल से फोन कराकर दोस्तों को पुलिस ने बुलवाकर पकड़ा है। आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अलग-अलग चौकियों में रखकर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। वहीं, सूर्या ने कहा कि पुलिस भुड़िया चौकी से उसकी आंखों पर पट्टी बांधकर जंगल में ले गई और एनकाउंटर करने की बात कही। मौत के डर से उसने यह वारदात कबूल की है। ट्विटर पर भी लोग इस खुलासे पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों ने इस खुलासे पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को ट्वीट किया है और राज्यमंत्री छत्रपाल सिंह से भी शिकायत की है। ब्यूरो