राशन दुकान दिलाने के लिए एसडीएम के नाम पर भी कर चुका है ठगी
बरेली। कैंट के गांव भौआपुर निवासी सिपाही विपिन तिवारी से उनके गांव के ही होमगार्ड के प्लाटून कमांडर सर्वेश कुमार के बेटे अनुराग मिश्र ने प्लॉट के नाम पर 15 लाख की ठगी कर ली। इस मामले में उसके खिलाफ पिता और भाई समेत थाना कैंट में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इससे पहले अनुराग सीएमओ के फर्जी साइन करके साढ़े छह करोड़ के टेंडर निकालकर फर्जीवाड़ा कर चुका है।
विपिन के मुताबिक दो-ढाई साल से आरोपियों से उनके पारिवारिक संबंध थे। इसी बीच अनुराग ने उन्हें विष्णु धाम कॉलोनी में एक प्लॉट दिखाया और कहा कि इसके मालिक पर मेरे आठ लाख रुपये बकाया हैं। विपिन उसे रुपये दे दें और वह प्लॉट का बैनामा उनकी पत्नी के नाम करा देगा। उन्होंने विश्वास में आकर उसे 15 लाख रुपये दे दिए लेकिन बैनामा कराने की बारी आई तो वह टालमटोल करने लगा। रुपये मांगे तो वे भी वापस नहीं किए। थाना कैंट में शिकायत की तो आरोपी ने कुछ रुपये दिए और बाकी रुपयों के चेक दे दिए, जो बाउंस हो गए। 70 हजार रुपये हर महीने किस्त के रूप में देने का वादा भी पूरा नहीं हुआ और फिर अनुराग, उसका भाई और पिता उन्हें धमकाने लगे। अब भी उनके 4.30 लाख रुपये आरोपियों पर बाकी हैं लेकिन वे कम रुपये में मामला निपटाने का दबाव बना रहे हैं।
टेंडर के नाम पर ठगे थे 14 लाख
सितंबर 2020 में सिविल लाइंस के व्यापारी दिनेश सिंह बिष्ट से भी अनुराग मिश्रा ने 14 लाख रुपये ठग लिए। उसने बड़े अधिकारियों से संबंधों का हवाला देकर उन्हें टेंडर दिलाने की बात कही थी। एक-दो बार वह उन्हें सीएमओ ऑफिस ले गया। फिर आंवला, फरीदपुर, नवाबगंज, मीरगंज, बहेड़ी और सदर क्षेत्र के सीएचसी में साढ़े छह करोड़ के टेंडर के कागज दिखाकर कमीशन के नाम पर 14 लाख रुपये ठग लिए। टेंडर के इस फर्जी कागज पर सीएमओ के फर्जी साइन भी किए गए थे।
डीएम कैंप ऑफिस में भी ठग लिए थे 1.70 लाख
भमोरा के खुली गांव में रहने वाले रविंद्र कश्यप सितंबर 2020 में राशन दुकान लेने के सिलसिले में डीएम के कैंप ऑफिस गए थे। वहां अनुराग मिश्रा उन्हें मिल गया। उसने अधिकारियों में अपनी अच्छी जान पहचान बताकर 1.70 लाख रुपये खर्च करके राशन दुकान दिलाने की बात कही। बताया कि उसे ये रुपये एसडीएम, सप्लाई इंस्पेक्टर, एडीओ पंचात, खाद्य एवं रसद विभाग और बोर्ड ऑफिस में देने होंगे। रविंद्र उसकी बातों में आकर ठगी के शिकार हो गए।