व्यापारियों ने प्रस्ताव को दोबारा नगर निगम बोर्ड की बैठक में लाने और विसंगतियों को दूर करने की मांग की
बरेली। साहब इतनी तो दुकानदारी भी नहीं है, जितना निगम से किराया लगा दिया है, सारी कमाई अगर किराया देने में चली जाएगी तो घर कैसे चलाएंगे? नगर निगम की नई किराया नीति को लेकर शहर के व्यापारियों का आक्रोश मंगलवार को फूट पड़ा। पार्षद राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में दुकानदारों ने नगर निगम पहुंच कर महापौर उमेश गौतम और नगर आयुक्त संजीव मौर्य का घेराव किया।
नगर निगम कार्यालय में सिविल लाइन के व्यापारियों का तर्क पड़ोसी जिले शाहजहांपुर की तुलना को लेकर था। दुकानदारों ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि शाहजहांपुर में जिस आकार की दुकान का किराया मात्र 2 हजार रुपये है, बरेली में उसी आकार की दुकान के लिए 12 हजार रुपये क्यों वसूले जा रहे हैं। 700 रुपये प्रति माह के किराए को सीधे 12 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके ऊपर 18 प्रतिशत जीएसटी, पानी और सीवर टैक्स का अतिरिक्त बोझ भी डाल दिया गया है। उन्होंने मांग की कि इस प्रस्ताव को दोबारा नगर निगम बोर्ड की बैठक में लाया जाए और विसंगतियों को दूर कर किराये में कमी की जाए। मेयर और नगर आयुक्त ने मामले की समीक्षा कर जल्द राहत देने का भरोसा दिलाया है।
- पार्षद ने निगम पर उठाए सवाल
पार्षद ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। कहा कि सभापति की ओर से गठित कमेटी ने पहले ही किराया कम करने की सिफारिश की थी, लेकिन उस सिफारिश की रिपोर्ट को जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। कहा कि नई आवंटित दुकानों का किराया तो 25 प्रतिशत कम रखा गया है, लेकिन दशकों से किराया दे रहे पुराने किरायेदारों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त बोझ लाद दिया गया है, जो समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।
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ये हुआ निर्णय
- करीब घंटे भर चले विरोध के बाद तय हुआ कि जब तक बोर्ड बैठक में विसंगतियां दूर नहीं होती है तब तक सुपर ए व ए श्रेणी में आने वाले निगम के मार्केट से चार गुना टैक्स लिया जाएगा। जबकि बी व सी श्रेणी में आने वाले व्यापारी से दो गुना टैक्स लिया जाएगा। सुपर ए में एलन क्लब मार्केट, निगम के पीछे का मार्केट, नावल्टी बाजार, पटेलगंज आदि शामिल है जबकि, ए श्रेणी में श्यामगंज रोड स्टेशन रोड, तिलक इंटर कॉलेज बाजार, पटेल चौक, मोतीपार्क, धर्मदत्त वैध सिटी बााजार, सीआई पार्क बाजार आदि शामिल है।
व्यापारियों टैक्स की शिकायत लेकर आए थे। उन्हें समझा दिया गया है। नई नियमों पर दोबारा विचार किया जाएगा, जिससे व्यापारियों को समस्या न हो। उमेश गौतम, महापौर