बरेली। डीएम कोर्ट ने शस्त्र लाइसेंस के मामलों में तीन निर्णय पारित किए हैं। एक मामले में दोनाली बंदूक का लाइसेंस निरस्त किया है, जबकि दो अन्य मामलों में शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण के नोटिस को समाप्त कर बहाली दी है।
बताया जा रहा है कि फरीदपुर के चन्दौखा छेदा निवासी नन्हें सिंह के दोनाली बंदूक के शस्त्र लाइसेंस के मामले में डीएम कोर्ट में पांच साल तक सुनवाई चली। इसके बाद अंतिम फैसला देते हुए कोर्ट ने इनके लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। यह बंदूक नन्हें सिंह को वरासत में मिली थी। यह मामला डीएम कोर्ट में पुलिस की रिपोर्ट पर 22 दिसंबर 2020 को दाखिल हुआ था। 21 फरवरी को हुए निर्णय में कहा गया है कि नन्हें के विरुद्ध फरीदपुर थाने में पांच मुकदमे दर्ज हैं। गुंडा अधिनियम में भी उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज है। पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि नन्हें का चाल-चलन एवं आम शोहरत ठीक नहीं है। शस्त्र धारक ने अपने लाइसेंस पर अब तक 102 कारतूस खरीदे हैं, जिसका कोई ब्यौरा उसके पास उपलब्ध नहीं है। नन्हें का शस्त्र थाना फरीदपुर में जमा है।
वहीं, मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव कपूरपुर के सुखवीर सिंह की बंदूक के लाइसेंस को डीएम कोर्ट ने बहाल किया है। 21 फरवरी को हुए फैसले में कोर्ट ने कहा है कि पूर्व में छह मार्च 2023 को पुलिस की रिपोर्ट पर सुखवीर सिंह का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया गया था। कोर्ट ने भविष्य के लिए सचेत करते हुए शस्त्र लाइसेंस बहाल किया है। इन पर जनवरी 2023 को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अपने लाइसेंसी शस्त्र का प्रर्दशन करने का आरोप था, जो साक्ष्य के अभाव में खारिज हुआ है। इसी तरह बारादरी के संजय नगर निवासी दलेल सिंह की भी दोनाली बंदूक के लाइसेंस को डीएम कोर्ट ने बहाल कर दिया है। यह मामला कोर्ट में 17 नवंबर 2021 से चल रहा था।