शहर में कई जगहों पर बिछाई गई है गैस की पाइप लाइन
बरेली। शहर में कई जगहों पर पीएनजी की पाइप लाइन बिछाई गई है। पाइप लाइन बिछाने का काम करीब एक साल से चल रहा है मगर लाइन बिछाने के बाद गड्ढे भरे नहीं जा रहे। खुले पड़े गड्ढों में लोग गिरकर जख्मी हो रहे हैं। शहर की कई कॉलोनियों के गेट के बाहर भी यही हाल है मगर नगर निगम भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। बृजलोक क्षेत्र के ही रामपाल ने बताया कि वह कपड़ा प्रेस करने का ठेला लगाते हैं। कई बार कॉलोनी में लोगों के कपड़े देने जाते वक्त गिरकर घायल हो चुके हैं। करीब छह माह से इसी तरह गड्ढा खुला पड़ा है। निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता भूपेश कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित विभाग को पत्र भी लिखा जाएगा कि एक जगह काम पूरा करने के बाद ही दूसरी जगह काम शुरू करें।
बृजलोक कॉलोनी
यहां कॉलोनी के आसपास सड़कों पर कई जगह खोदाई की गई है। कुछ गड्ढों को खुला छोड़ दिया गया है और कुछ में सिर्फ मिट्टी भरकर उन्हें बंद कर दिया गया है। पानी भरने पर यहां की मिट्टी भी बैठ गई है। कॉलोनी के गेट के सामने भी गड्ढे में सिर्फ मिट्टी भरकर उन्हें छोड़ दिया गया है।
गुजराल अपार्टमेंट
प्रेमनगर में ही गुजराल अपार्टमेंट के बाहर भी यही हाल है। यहां तो सड़क किनारे लाइन बिछाई गई है मगर उसमें से एक पाइप निकालकर छोड़ दिया है। पाइप सड़क से करीब ढाई फुट ऊंचा है। यह आने जाने वाहनों से टकरा रहा है। इससे हादसे की आशंका है।
धोबी चौराहा
प्रेमनगर में ही धोबी चौराहा के पास लिंक सड़क पर पीएनजी पाइप लाइन डाली गई है। यहां लाइन बिछाने के लिए सड़क पर खोदाई का काम हुआ है। लाइन बिछाने के बाद मिट्टी से गड्ढे बंद कर दिए, लेकिन उखाड़े गए टाइल्स नहीं बिछाए गए। बल्कि उन्हें उल्टा सीधा गड्ढों में भर दिया गया है।
हादसों का कारण बन रहे गड्ढे
‘ इस तरह के गड्ढे कई जगहों पर हैं। कॉलोनी की सड़क व उसके आस-पास की सड़कों पर भी हैं। न ही नगर निगम ध्यान देता है और पीएनजी विभाग भी ध्यान नहीं देता है।’ -प्रमोद
‘पाइप लाइन बिछाने के लिए किए गए गड्ढे सिर्फ मिट्टी भरकर छोड़ दिए गए हैं।। बारिश में मिट्टी भी बैठ चुकी है। अब यही गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं। - मनोज
‘काम खत्म होने के बाद गड्ढे को उसी तरह से बंद करना चाहिए जैसे पहले थे मगर ऐसा नहीं हो रहा है। गड्ढे भरना तो दूर निकाली गई टायल्स तक वापस नहीं लगाई जा रही है।’ - अभिनव