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Bareilly News: वक्फ संशोधन बिल पर नहीं थम रही रार

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बरेली। वक्फ संशोधन बिल पर बरेलवी उलमा दो धड़ों में बंटे नजर आ रहे हैं। इत्तेहाद-ए-मिल्लत (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर ने जहां इसका विरोध जताया है, वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इस संशोधन को जरूरी करार दिया है। कुछ अन्य उलमा और तीन तलाक को खत्म करने के मुद्दे पर संघर्ष करने वाली महिलाओं ने भी मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। फिलहाल, दरगाह आला हजरत और यहां के मरकज ने कोई बयान नहीं आया है।
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उस्ताद-ए-जमन मोहम्मद जुबैर रजा खान कादरी ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल सरकार की तानाशाही और दमनकारी प्रवृति का परिचायक है। आरएसएस के नापाक मंसूबों को पूरा करने के मकसद से यह बिल लाया गया है। यह किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं है। अगर यह बिल पास होता है तो विशेषज्ञों से सलाह लेकर सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगे।
मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने कहा कि वक्फ संपत्तियों को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। इस बिल के पास होने से इस पर रोक लगेगी। जिस तरह तीन तलाक के खिलाफ कानून का पहले विरोध हुआ, मगर बाद में लोगों को फायदा दिखा। उसी तरह वक्फ संशोधन बिल के पास होने के बाद लोगों को इसका लाभ नजर आएगा। इसमें खास बात यह भी है कि वक्फ बोर्ड में महिलाओं को शामिल किया जाएगा। यह स्वागत योग्य है। इसी तरह दो गैर मुस्लिमों को सदस्य बनाए जाने का भी लाभ मिलेगा। उम्मीद है कि कुछ गलत होने पर वह निष्पक्ष हो कर बोलेंगे। संवाद
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