बरेली। ईंट भट्ठा संचालकों के जीएसटी चोरी के मामले को शासन ने प्रमुखता से संज्ञान में लिया है। मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में प्रदेश के सभी अपर आयुक्त को कम जीएसटी अदा करने वाले ईंट भट्ठा कारोबारियों पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है, साथ ही कर चोरी के मामले में नाराजगी जताई है। अमर उजाला ने ईंट भट्टे से कर चाेरी के मामले को प्रमुखता के साथ मार्च माह में उठाया था, जिसके बाद शासन स्तर से संज्ञान लिया गया हैं।
मंडलभर के ईंट भट्ठा संचालक मानकों के अनुसार जीएसटी जमा नहीं कर रहे हैं। जीएसटी विभाग ने ईंट के उत्पादन और बिक्री से टैक्स की गणना की जिसमें पता चला कि मंडलभर के 217 ईंट भट्ठा संचालक करीब एक करोड़ रुपये का टैक्स दबाए बैठे हैं। विभाग की ओर से इन्हें नोटिस भेजा गया था। भट्ठा संचालकों को छह फीसदी टैक्स देना होता है। पिछले दिनों ईंट उत्पादन के सापेक्ष जीएसटी जमा किए जाने की समीक्षा की गई। विभाग को पता चला कि बरेली के 117 और शाहजहांपुर के 100 ऐसे कारोबारी है जिन्होंने बीते वर्ष के सापेक्ष 30 फीसदी टैक्स कम अदा किया है। अपर आयुक्त ग्रेड 1 दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि बरेली से शुरू हुई ये मुहिम अब पूरे प्रदेश में लागू होने जा रही हैं। बरेली जोन के 965 ईंट भट्ठे पंजीकृत है, जिनमें बरेली में 346, पीलीभीत में 170, बदायूं में 193, शाहजहांपुर में 256 है। ईंट भट्ठों की ओर से जिन संसाधनों से बरेली जोन में कोयला मंगाया गया है उसकी सूचना संकलित कर ली गई है और उक्त के आधार पर ईंटों के उत्पादन व बिक्री (प्रचलित बाजार भाव के अनुसार) पर निर्धारण एवं विधिक रूप से कर जमा कराया जाएगा।
उत्पादन की बिक्री के अनुरूप जमा नहीं हो रहा कर
अपर आयुक्त ग्रेड 2 एचपी राव दीक्षित ने बताया कि बरेली जोन में आफताब आलम ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष है, उनकी ओर से संगठनों के सदस्यों से सहर्ष उत्पादन की बिक्री के अनुरूप कर जमा करने के लिए कई बार कहा गया है। बताया कि कई ईंट भट्ठों की ओर से त्पादन की बिक्री के अनुरूप कर जमा नहीं किया जा रहा है। मार्च में माह में भट्ठों के सर्वेक्षण एसआईबी व कर निर्धारण अधिकारियों ने 10 भट्ठों का सर्वेक्षण किया गया, मार्च माह में जिसका परिणाम अच्छा रहा एवं गत वर्ष के सापेक्ष जीएसटी कर व राजस्व में वृद्धि हुई है। संवाद