बरेली। सिरौली नगर पंचायत की अध्यक्ष चमन सकलैनी, उनके पति कांग्रेस जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी के साथ ही तत्कालीन अधिशासी अधिकारी पर नौ ठेकेदारों की धरोहर राशि के 26 लाख रुपये की हेराफेरी के आरोप हैं।
ठेकेदारों की शिकायत पर एडीएम प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, लेकिन यह समिति अभी तक सक्रिय नहीं हो सकी। सदस्यों को इस बाबत जानकारी ही नहीं है। जबकि, रिपोर्ट देने के लिए निर्धारित समय सीमा बीत चुकी है।
जांच समिति में एसडीएम आंवला, कोषाधिकारी और अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा नामित हैं। इन अधिकारियों को आरोपों की जांच की जिम्मेदारी मिले कई दिन बीत गए हैं
इस मामले में बृहस्पतिवार को जांच समिति के सदस्य आंवला एसडीएम नहने राम ने मामले की जानकारी होने से इन्कार किया। कहा कि पत्र आया होगा तो देख लेंगे। ईओ से संबंधित मामले के अभिलेख मांगने के संबंध में शुक्रवार को पत्र लिख देंगे।
जांच समिति के दूसरे सदस्य कोषाधिकारी विश्वबंधु गौतम ने बताया कि उन्हें केवल जांच समिति गठित होने का पत्र मिला है। कोई आरोप पत्र या जांच के बिंदु वाला पत्र नहीं मिला है।
जांच समिति के सदस्यों ने भी संपर्क नहीं किया है, न ही उनकी कोई बैठक हुई है। अब इस मामले में शुक्रवार को चर्चा करेंगे। वैसे, समिति की रिपोर्ट देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विनय कुमार शर्मा ने बताया कि ईओ से बात हुई है। जांच के लिए अभिलेख मांगे गए हैं। संवाद