बरेली। साइकिल सवार किशोर ट्रक की चपेट में आ गया। जिससे उसका एक पैर कुचल गया। इस घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां ट्रक स्वामी से समझौता कर मिले 45 हजार रुपये इलाज में खर्च हो गए। अब किशोर के परिवार के पास पैसा नहीं। जिससे उसका उपचार बंद हो गया है।
थाना पसगवां (लखीमपुर खीरी) के गांव उचौलिया निवासी किसान रमेश का तेरह वर्षीय पुत्र पवन 29 अक्तूबर 2015 को शाम के समय साइकिल से घर आ रहा था। गांव के पास ही दिल्ली-लखनऊ मार्ग पर साइकिल सवार पवन तेजी से गुजरे ट्रक की चपेट में आ गया। जिससे उसका बायां पैर कुचल गया। पैर की हड्डी चकनाचूर हो गई। गांव वालों ने ट्रक को मौके पर ही घेर लिया। जिसका इलाज कराने की बात कहते हुए परिवार वालों ने 45 हजार रुपये में समझौता कर लिया। एक दिन शाहजहांपुर जिला अस्पताल में उसका उपचार कराया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने उसे बरेली रेफर कर दिया। बरेली में उसे स्टेडियम रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिवार वालों के मुताबिक यहां 45 हजार से अधिक खर्च हो गया, फिर भी पैर से खून नहीं रुका। अब आपरेशन के लिए उनके पास पैसा नहीं है। गांव में दो बीघा जमीन है, जो बिक नहीं रही है। इससे पैसे का इंतजाम भी नहीं हो पा रहा है। उन्होंने लोगों से इलाज में मदद की गुहार की है। उधर, आईएम के अध्यक्ष डॉ.रवीश अग्रवाल का कहना है कि लड़केे का पैर की हड्डी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उसे भर्ती कर प्राथमिक उपचार कर दिया गया है। फिर भी उसकी नसों से रिस रहा खून नहीं रुक रहा है, इसलिए उसका आपरेशन होना जरूरी है। बगैर परिवार वालों की मर्जी से आपरेशन कैसे हो सकता है, कोई भी परिवार वालों आपरेशन की बात करने नहीं आ रहा है। परिवार के आते ही उसका आपरेशन से पैर काट दिया जाएगा।