इस्लामिया गर्ल्स इंटर कालेज से टीजीटी की परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी।
बरेली। जूनियर हाईस्कूल प्रधानाध्यापक/सहायक अध्यापक की भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों को गणित ने चकरा दिया। हालांकि राहत वाली बात ये रही कि इतिहास संबंधी प्रश्न आसान होने से अभ्यर्थियों का पेपर अच्छा हुआ। 37 केंद्रों पर हुई इस परीक्षा में 17497 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 3304 ने परीक्षा छोड़ दी।
पहली पाली सुबह 10 से 12.30 बजे तक आयोजित हुई। परीक्षा से पूर्व सभी केंद्रों के मुख्य गेट पर अभ्यर्थियों की तलाशी ली गई। प्रथम पाली में 37 केंद्रों पर 16 हजार 564 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 13 हजार 481 शामिल हुए। जबकि 3083 अभ्यर्थी परीक्षा में नहीं आए। अभ्यर्थियों ने बताया, गणित के सवाल कठिन थे लेकिन हिस्ट्री से जुड़े प्रश्नों की संख्या अच्छी होने से पेपर ठीक हो गया।
दोपहर दो बजे से हुई दूसरी पाली में तीन केंद्रों पर 1006 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें 785 ने परीक्षा दी, जबकि 221 अभ्यर्थी नहीं आए। सभी केंद्रों का सेक्टर प्रमुखों ने निरीक्षण किया। सभी केंद्रों पर शांतिपूर्वक परीक्षाएं होती मिली। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थी प्रश्नों और उनके उत्तर पर मंथन करते रहें। एक-दूसरे से उनके द्वारा लिखे गए उत्तरों से मिलान करते रहे। अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित ने उन्हें काफी देर तक उलझाए रखा।
अभ्यर्थियों से बात
‘गणित ने उलझाया लेकिन इतिहास से जुड़े प्रश्न ठीक थे। इसी तरह विज्ञान के भी प्रश्न खूब पूछे गए थे। इसमे थोड़ा समय अधिक लग गया मगर पेपर अच्छा हुआ है।’
- रचित वर्मा, लखीमपुर
‘विज्ञान के प्रश्नों को करने में थोड़ा समय लगा। इतिहास और पॉलिटिक्स से जुड़े सवाल सरल थे। इनके कारण पेपर अच्छा हो गया।’
- फौजिया नाज, बहेड़ी
‘पेपर मिलाजुला था। कुछ आसान सवाल थे तो कुछ बहुत कठिन भी थे लेकिन ओवरऑल पेपर अच्छा हुआ है। बेहतर परिणाम की उम्मीद है।’
- राजेश कुमार, भोजीपुरा
‘गणित के सवाल ज्यादा कठिन थे। करंट अफेयर्स से अधिक सवाल नहीं थे। उम्मीद थी कि अधिक पूछे जाएंगे। लेकिन समय से पेपर हो गया।’
- नीरज, नवाबगंज