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Bareilly News: तौकीर के बयानों से कई बार बिगड़ा शहर का माहौल, पहली बार बड़ी कार्रवाई

Mon, 29 Sep 2025 01:59 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के विवादित बयान से पहले भी कई बार शहर का माहौल बिगड़ चुका है। मौलाना ने काशी के ज्ञानवापी, अयोध्या, मथुरा से लेकर संभल हिंसा तक विवादित बयान देकर लोगों को भड़काने की कोशिश की। ज्ञानवापी मामले में जेल भरो का ऐलान करके मौलाना ने नौ फरवरी 2024 को बवाल करा दिया था। उस दौरान शहर में कई स्थानों पर पथराव और हिंसक झड़पें हुई थीं। अक्तूबर 2024 में मौलाना ने आईएमसी के स्थापना दिवस पर देश को जाम करने की धमकी दी। अब पहली बार मौलाना के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है।
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ताजा बवाल के बाद मौलाना के पुराने बयान फिर वायरल हो रहे हैं। मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ मामले तो वर्ष 1982 से दर्ज होने लगे थे, लेकिन पहली बार वर्ष 2010 में हुए दंगों के आरोप में आठ मार्च को मौलाना को जेल भेजा गया था। तब दो दिन बाद ही मौलाना को जमानत मिल गई थी। इस दंगे की चार्जशीट में पुलिस ने मौलाना का नाम तक शामिल नहीं किया। हर बार भीड़ जुटाने के लिए शुक्रवार का दिन चुनना और इससे एक-दो दिन पहले वीडियो बयान वायरल करना तौकीर रजा की आदत है। सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर भी तौकीर रजा ने विवादित बयान दिया था। गिरफ्तारी देने का ऐलान कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी।
16 जुलाई 2024 को तौकीर रजा ने सामूहिक धर्म परिवर्तन और निकाह कार्यक्रम का आयोजन करने का बयान देकर शहर के माहौल को गरमा दिया था। मुसलमानों पर अत्याचार की बात कह कर 15 जून 2025 को भी मौलाना ने गिरफ्तारी देने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर दिया था।
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संभल हिंसा के बाद की थी बरेली का माहौल गरमाने की कोशिश
पिछले साल संभल हिंसा में जान गंवाने वाले मुसलमानों को शहीद बताकर तौकीर रजा ने बरेली का माहौल गरमाने की कोशिश की थी। 29 नवंबर शुक्रवार को संभल जाने का ऐलान किया था। अधिकारियों ने समझाने के बावजूद चोरी-छिपे 29 नवंबर को समर्थकों के साथ संभल के लिए कूच कर दिया था। तब सीबीगंज में पुलिस ने मौलाना को हिरासत में ले लिया था। उस दौरान मौलाना ने आरोप लगाया था कि संभल में अफसर हिंदू आतंकवादी संगठनों को साथ लेकर गए थे।
हमारे नौजवान बुजदिल नहीं...
मौलाना तौकीर रजा ने 11 नवंबर 2024 को बयान दिया कि हमारे नौजवान बुजदिल नहीं हैं। हमने उनको कंट्रोल कर रखा है। जिस दिन हमारे नौजवान आउट ऑफ कंट्रोल हो गए तो तुम्हारे बस की बात नहीं उन्हें रोक पाना। जिस दिन हम लोग सड़कों पर उतर आएंगे तो तुम्हारी रूह कांप जाएगी।
हम 20 करोड़ हैं, एक फीसदी भी सड़कों पर निकल आए तो...
तौकीर ने 25 सितंबर 2024 को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हुए कार्यक्रम में कहा था कि हम 20 करोड़ हैं या 30 करोड़ हैं, यह तो वह नहीं जानते। मगर, जिस दिन एक फीसदी भी घरों से निकल आए और दिल्ली कूच कर ऐलान कर दें कि जब तक नरेंद्र मोदी इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा तो सरकार को झुकना पड़ेगा।
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