सकलैन मियां राजनीति में सक्रिय नहीं थे, लेकिन बड़े-बड़े नेता उनका आशीर्वाद पाने के लिए लालायित रहते थे। जिले की राजनीति पर उनका गहरा प्रभाव था। ककराला के लोग बताते हैं कि साल 2012 में सकलैन मियां के पिता शाह शुजात अली मियां का उर्स था। उर्स खत्म होने पर सकलैन मियां अपने घर के दरवाजे से बाहर निकलकर टहल रहे थे, तभी तत्कालीन बसपा विधायक मुस्लिम खां की गाड़ी का पहिया उनके पैर से छू गया।
जब इसकी खबर ककराला के लोगों को लगी तो उनके मुरीद वहां एकत्र हो गए। इसके बाद तनातनी बढ़ी तो उनके मुरीदों ने मुस्लिम खां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने विधायक मुस्लिम खां को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
सपा के महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने बताया कि इस सूचना से व्यथित हूं। गहरा शोक व्यक्त करता हूं। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दुआ करता हूं।
दरगाह हुजूर फातेह अजमेर के प्रबंधक सय्यद इंतखाब आलम ने कहा कि समाज के लिए बड़ी क्षति है। वह लंबे अरसे से इंसानियत के लिए काम कर रहे थे। अल्लाह उनके दरजात बुलंद फरमाए।