मेहंदी रचाई और किया सोलह शृंगार, कुंवारी युवतियों ने मनचाहे वर के लिए रखा व्रत
बरेली। हरियाली तीज का त्योहार हर्षोल्लास, उमंग और श्रद्धाभाव से मनाया गया। सुहागिनों ने अखंड सौभाग्य के लिए मां गौरी की पूजा अर्चना की। कुंवारी युवतियों ने मनचाहे वर के लिए व्रत रखा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन हुआ था, इसलिए हरियाली तीज का बहुत महत्व है। माता पार्वती की आराधना भगवान शिव और गणेश जी के साथ की जाती है। महिलाओं ने हरी साड़ी, हरे रंग की चूड़ियां पहनकर सोलह शृंगार करके मां गौरी की पूजा की।
हरियाली तीज पर महिलाओं और अविवाहित कन्याओं ने रवि योग में दोपहर 11:02 बजे पूजा अर्चना की। महिलाओं ने मेहंदी रात में ही लगा ली थी। पूजा की तैयारी भी पहले से कर रखी थी। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते शहर में तीज मेला नहीं लगा। पंडित अनुपम कौशिक इंदीवर ने बताया कि रवि योग सभी नकारात्मकता को दूर करने और अनिष्ट शक्तियों को नष्ट करने वाला होता है।
शिव पार्वती आध्यात्मिक ट्रस्ट ने मनाया तीजोत्सव
श्री शिव पार्वती आध्यात्मिक ट्रस्ट की महिला मंडल ने तीजोत्सव धूमधाम से मनाया। इंटर कॉलेज में हुए कार्यक्रम में महिलाओं ने सावन के गीतों पर नृत्य किया। इसके बाद मेहंदी प्रतियोगिता हुई, इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया। दीपा सिंह को तीज क्वीन चुना गया। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर ज्योति सक्सेना, संध्या सक्सेना, बबली कश्यप, शशि, रेखा यादव, शीतल यादव, सरला सक्सेना, साधना वर्मा आदि उपस्थित थीं।