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करवाचौथ पर उजड़ा सुहाग, भाई की भी मौत

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परेशान घरवाले।
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नवाबगंज में हादसा, महिला और उसकी बेटी की हालत गंभीर
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पति, भाई और बेटी के साथ त्योहार मनाने गांव जा रही थीं बीनू
नवाबगंज। हाफिजगंज के गांव आसपुर रिछोला निवासी बीनू का करवाचौथ के दिन ही सुहाग उजड़ गया। भाई की भी मौत हो गई। हादसा नवाबगंज से गांव जाते समय ईको के बाइक में टक्कर मार देने से हुआ। बीनू और उनकी एक साल की बेटी गंभीर रूप से घायल है।
आसपुर रिछोला निवासी सुधीर कुमार गुजरात में एक पेस्टीसाइड कंपनी में काम करते हैं। पत्नी बीनू एक वर्षीय बेटी रिया के साथ नवाबगंज की गंगवार कॉलोनी में किराये के मकान में रहती हैं। शनिवार को सुधीर गुजरात से लौटे थे। रविवार शाम वह अपनी पत्नी बीनू, बेटी रिया और साले जितेंद्र के साथ एक ही बाइक से करवाचौथ का त्योहार मनाने पैतृक गांव आसपुर रिछोला जा रहे थे। बाइक जितेंद्र चला रहे थे।
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बाइक जब बरेली-पीलीभीत हाईवे पर आदर्श महाविद्यालय के पास पहुंची तभी सामने से आई तेज रफ्तार ईको कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुधीर और जितेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। बीनू और उनकी बेटी रिया गंभीर रूप घायल हो गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को सीएचसी भिजवाया। वहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों शव मोर्चरी में रखवाए गए हैं। सोमवार को उनका पोस्टमार्टम होगा।

ईको छोड़कर भाग गया ड्राइवर
हादसे के बाद ड्राइवर समेत ईको में सवार सभी लोग गाड़ी को घटनास्थल से कुछ दूरी पर छोड़कर भाग गए। पुलिस ने गाड़ी कब्जे में लेकर थाने में खड़ी कर ली है। ड्राइवर की तलाश की जा रही है।

गुजरात से बेटी का जन्मदिन और करवाचौथ मनाने आए थे सुधीर
जितेंद्र की बेटी रिया का शनिवार को पहला जन्मदिन था। रविवार को करवाचौथ का त्योहार था। इसी वजह से वह शनिवार को गुजरात से नवाबगंज पहुंचे। वहां शाम को धूमधाम से बेटी का जन्मदिन मनाया। रविवार को गांव में करवाचौथ मनाने का प्लान बनाया। मां को फोन करके कहा कि इस बार त्योहार गांव में ही मनाएंगे, कढ़ी-चावल बना लेना।
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हेलमेट होता तो शायद बच जाती जान
परिजन के मुताबिक बाइक पर चार लोग सवार हुए तो सुधीर ने कहा कि वह खुद बाइक चलाएंगे। मगर जितेंद्र ने जिद की और बाइक लेकर खड़ा हो गया तो वह मान गए। मगर ईको की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह बाइक को नियंत्रित नहीं कर सका। इसके अलावा वे लोग हेलमेट भी नहीं लगाए थे। लोगों का कहना था कि अगर हेलमेट लगाए होते तो शायद जान बच जाती। त्योहार के दिन यह हादसा देखकर राहगीर भी भावुक हो गए।
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