बरेली। उर्स-ए-रजवी के कुल में आए जायरीन और पुलिस के बीच श्यामगंज में हुए टकराव का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दरगाह आला हजरत की ओर से एक दिन पहले इस टकराव के लिए पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद अब दरगाह प्रमुख सुब्हान रजा खां सुब्हानी मियां ने इस मामले में गिरफ्तार मौलाना दानिश को रिहा कर चार सौ जायरीन पर कायम केस वापस न लेने पर खुद गिरफ्तारी देने की चेतावनी दी है।
दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां ने बुधवार को एक बयान जारी कर उर्स-ए-रजवी में जायरीन को जगह-जगह बैरियर लगाकर रोके जाने और उन पर लाठीचार्ज पर सख्त एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि जायरीन अपने रूहानी पेशवा आला हजरत के कुल में शिरकत करने आ रहे थे जिन्हें एक रणनीति के तहत श्यामगंज चौराहे पर रोका गया जबकि इस्लामिया ग्राउंड पूरा खाली पड़ा था। उन्होंने कहा कि सीओ थर्ड के निर्देश पर इंस्पेक्टर बारादरी और श्यामगंज चौकी इंचार्ज ने निहत्थे जायरीन पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया जिसमें कई जायरीन घायल हुए। इस घटना पर दुनिया भर के अकीदतमंदों में गुस्सा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस मौलाना दानिश को रिहा कर उन्हें गिरफ्तार करे। वह खुद गिरफ्तारी देकर जेल जाने को तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शुक्रवार को मौलाना दानिश की रिहाई के साथ बाकी अकीदतमंदों पर कायम मुकदमा वापस नहीं लिए गए और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
बता दें कि उर्स-ए-रजवी के लिए जिला प्रशासन और उर्स कमेटी के बीच सीमित तादाद में जायरीन की शिरकत करने की सहमति बनी थी। इसके बावजूद पहले ही दिन उर्स में भारी भीड़ उमड़ी। दूसरे दिन भी भीड़ और बढ़ी मगर पुलिस-प्रशासन ने उसे नजरंदाज कर दिया। तीसरे दिन कुल में शामिल होने बाहर के जायरीन आने से हालात बेकाबू होने का अंदेशा पैदा होने के बाद श्यामगंज में आनन-फानन डायवर्जन किया गया जिस पर भड़के जायरीन ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। पुलिस ने इसके बाद लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा।
मुंबई से भी आई गिरफ्तारी देने की चेतावनी
सुब्हानी मियां की चेतावनी के बाद मुंबई की रजा एकेडमी के संस्थापक अल्हाज मोहम्मद सईद नूरी ने भी दरगाह आला हजरत के सज्जादगान के साथ मुंबई के सुन्नी उलमा के भी गिरफ्तारी देने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि बरेली पुलिस के रवैये से जायरीन के बीच गलत संदेश गया है। उन्होंने बरेली पुलिस और जिला प्रशासन से जायरीन को परेशान करने के बजाय उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेकर घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की हैं।
जायरीन पर जुल्म बर्दाश्त नहीं : मन्नानी मियां
दरगाह के बुजुर्ग मौलाना मन्नान रजा खां मन्नानी मियां ने भी कहा कि उर्स में आए जायरीन पर जुल्म बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आला हजरत के मेहमान तो थोड़ी देर के लिए आते हैं और फातेहा कर चले जाते हैं फिर भी उनके साथ ज्यादती की गई। जिन लोगों पर मुकदमे हुए हैं, प्रशासन उन्हें वापस लेकर जल्द मौलाना दानिश को रिहा करे।
मौलाना दानिश के घर पहुंचे दरगाह के लोग
दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी अहसन मियां के निर्देश पर बुधवार को टीटीएस का एक प्रतिनिधिमंडल पुराना शहर में मौलाना दानिश के घर जाकर उनके परिजन से मिला। उन्हें दिलासा दिया कि पूरी दरगाह उनके साथ है। किसी भी जायरीन के साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में परवेज नूरी, शाहिद खान नूरी, हाजी जावेद, औरंगजेब नूरी, ताहिर अल्वी, आजम तहसीनी, हाजी शारिक नूरी तारिक सईद आदि शामिल थे।