अब तक चार बच्चों की मौत
नगर निगम के वार्ड नंबर 25 मथुरापुर में दो साल से नगर निगम ने आवारा कुत्तों का आतंक खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इलाके के लोगों को बच्चों की जान के रूप में इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। एक मार्च को बंडिया निवासी अवधेश गंगवार की दो साल की बेटी परी को आदमखोर कुत्तों ने नोच डाला। बाद में उसकी मौत हो गई।
15 दिन पहले ही बंडिया निवासी हरीशचंद्र के दस साल के बेटे को कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था। कुछ ही महीनों में आवारा कुत्ते चार बच्चों की जान ले चुके हैं। कुत्तों के हमलों में घायल होने वालों की गिनती नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुत्तों का आतंक कम नहीं हुआ तो लोग निकाय चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे।
बच्चों को निशाना बना रहे कुत्ते
कुत्तों के झुंड दिन में नहर के पास जंगल में रहते हैं और शाम होते ही बस्तियों का रुख करते हैं। अचानक हमला करने वाले कुत्तों के ये झुंड किसी को संभलने का मौका तक नहीं देते। खासकर बच्चे इन आदमखोर कुत्तों के निशाने पर रहते हैं। क्षेत्र के चमन राजपूत, नरेश, सुनील शुक्ला, करन, चुन्नी लाल आदि का कहना है कि दो साल से बार-बार शिकायतों और चार मौतों के बाद भी नगर निगम ने सुध नहीं ली है।