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हमद मुन्ना, मतगणना स्थल नहीं पहुंचे

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बरेली। सपा प्रत्याशी मशकूर अहमद मुन्ना जमानत भी नहीं बचा सके। पार्टी का संगठन भी नामांकन से मतदान होने तक हांफता दिखाई पड़ा। कई दिग्गज तक वोट डालने नहीं पहुंचे। मंगलवार को मशकूर अहमद मुन्ना बरेली तो पहुंचे लेकिन मतगणना स्थल नहीं गए। वह पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के यहां बैठे रहे और वहीं कार्यकर्ताओं से चुनाव परिणाम की जानकारी लेते रहे।
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आजम खां के करीबी कहे जाने वाले मुन्ना को रामपुर से भी अच्छे वोट नहीं मिल सके। सपा संगठन ने पहले ही अंदेशा जताया था कि रामपुर से अगर सपा को पांच सौ से कम वोट मिले तो वह लड़ाई में ही नहीं रहेंगे और ऐसा ही हुआ। हालांकि बरेली में ही तीन ब्लॉक प्रमुख सपा के है। फतेहगंज पश्चिमी में जिला महासचिव सत्येंद्र यादव की भाभी किरन यादव, शेरगढ़ में भूपेंद्र कुर्मी और भुता में पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव के भाई जगमोहन सिंह ब्लॉक प्रमुख हैं। सपा प्रत्याशी को इन्हें मिले वोट के बराबर भी वोट नहीं मिले।
सपा के वोटों को भी उड़ा ले गई भाजपा
सपा के तीनों ब्लॉक प्रमुखों के पास ही 230 वोट हैं। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक प्रमुख को 71 वोट मिले थे। 104 बीडीसी सदस्यों वाले भुता ब्लॉक में सपा निर्विरोध जीती थी। शेरगढ़ ब्लॉक प्रमुख को 55 वोट मिले थे। इसके अलावा सपा के 26 जिला पंचायत सदस्य हैं। नगर निगम और जिले की 15 नगर पंचायतों में करीब दो सौ सभासद है। इस तरह सिर्फ बरेली का यही आंकड़ा जोड़ा जाए तो संख्या 450 के पार पहुंच जाती है। सपा समर्थित प्रधानों और रामपुर के आंकड़ों को अलग रखा जाए तो साफ है कि सपा बरेली में अपने ही वोट नहीं मिले।
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चुनाव से पहले किया था 21 सौ वोटों का दावा
मतदान से पहले बीसलपुर तिराहे पर सपा की चुनाव की समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के सामने सपाई दिग्गजों ने सूची दिखाते हुए कहा था कि उनके पास 21 सौ ऐेसे वोट हैं जो समाजवादी पार्टी से सीधे तौर पर जुड़े हैं। उन्हें सिर्फ तीन-चार सौ वोट और जुटाने हैं जिसके बाद पार्टी की जीत तय हो जाएगी। परिणाम आने के बाद इन सारे दावों की हवा निकल गई।
मुस्लिम वोट भी भाजपा को मिले
बरेली-रामपुर सीट पर कुल 28 केंद्रों पर मतदान हुआ था। इसमें 21 केंद्र बरेली और सात केंद्र रामपुर में बनाए गए। कुल 4808 वोटों में 4752 वोट पड़े जिसमें बरेली 3062 और रामपुर में 1690 लोगों ने मतदान किया। मतदाता सूची के अनुसार इन कुल वोटों में करीब 1800 वोट मुस्लिम हैं। फिर भी सपा को कुल 401 वोट मिले। यानी जाहिर है कि मुस्लिमों ने भी भाजपा के पक्ष में मतदान किया।
अनुशासनविहीन सपा में बड़े नेताओं ने भी किया सहयोग
मतदान से पहले एक बैठक में सपा प्रत्याशी मशकूर अहमद मुन्ना ने सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल के सामने खुले तौर पर कहा था कि बरेली संगठन में जरा भी अनुशासन नहीं है और गुटबाजी चरम पर है। चुनाव में अधिकतर लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। कोई उनकी सुन नहीं रहा है। कुछ बड़े नेता तक सहयोग नहीं कर रहे हैं। चुनाव के बाद वह एक-एक बात राष्ट्रीय अध्यक्ष को बताएंगे। चुनाव परिणामों ने भी उनकी बात की पुष्टि कर दी।
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