बाढ़ प्रभावित तहसीलों में राहत के लिए मिला एक-एक लाख का बजट, हर तहसील में बंटेंगे पांच सौ राशन पैकेट
तीन तहसीलों को ही जिला प्रशासन ने माना बाढ़ प्रभावित
बरेली। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। हर तहसील के लिए एक लाख का बजट मंजूर किया है जिससे बाढ़ पीड़ितों को राशन के पांच सौ पैकेट बांटे जाएंगे। दो सौ रुपये से तैयार होने वाले एक पैकेट में बाढ़ पीड़ितों के लिए दस किलो आटा और दस किलो चावल, दो किलो अरहर दाल, एक लीटर रिफाइंड ऑयल के साथ और भी कई जरूरी चीजें रखने का दावा किया गया है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत कार्य शुरू होने से पहले ही उस पर सवाल उठने लगे हैं। एडीएम एफआर मनोज कुमार पांडेय के मुताबिक जिले की बाढ़ प्रभावित तहसील सदर, मीरगंज और आंवला में प्रभावित लोगों को खाने के पैकेट बांटने के लिए एक -एक लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। इन धनराशि से पांच-पांच सौ किट तैयार की जाएगी। इसमें खाद्य सामग्री के साथ जीवनयापन के लिए आवश्यक 15 सामग्री शामिल होंगी। इसकी सूची जिला प्रशासन सभी तहसील के एसडीएम को उपलब्ध करा दी है।
जिला प्रशासन की ओर से तैयार किए जा रहे राशन पैकेट पर दो सौ रुपये की लागत आएगी। ये दो तरह के होंगे। पहले पैकेट में पांच किलो लाई, दो किलो भुना चना, एक किलो गुड़, दस पैकेट बिस्किट, एक पैकेट माचिस, एक पैकेट मोमबत्ती, दो नहाने के साबुन रहेंगे। दूसरे में दस-दस किलो आटा और चावल, दो किलो अरहर दाल, आधा किलो नमक, ढाई सौ ग्राम हल्दी, मिर्च, धनिया, एक लीटर रिफाइंड समेत दस किलो आलू, पांच लीटर मिट्टी तेल भी रहेगा।
बाढ़ राहत या ऊंट के मुंह में जीरा
तीन दिन पहले खुद जिला प्रशासन ने बाढ़ से जिले के तीन सौ गांवों के प्रभावित होने की बात कही थी। इनमें बहेड़ी के 25 गांवों में हालत गंभीर थी। अब बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या और बढ़ चुकी है। इसके अलावा शहर के बाकरगंज समेत कई हिस्सों में बाढ़ से तमाम लोग बेघर हो चुके हैं। इसके बावजूद एक तहसील में सिर्फ पांच सौ राशन के पैकेट बांटने की योजना बनाई गई है। इसे बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या के अनुपात में काफी कम माना जा रहा है।
रामगंगा का जलस्तर कम होने का दावा
बाढ़ खंड के एसडीओ अमित किशोर ने दावा किया कि करीब चार दिन बाद रामगंगा का जलस्तर कम होना शुरू हो गया है। शनिवार सुबह तक जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा था। सुबह आठ बजे जलस्तर 162.1 मीटर था। पानी कम होने से किला नदी में पहुंच रहा रामगंगा का पानी कम हुआ। किला नदी का पानी रामगंगा में आना शुरू हो गया है। कोसी नदी में भी पानी कम हो गया है। बारिश न होने से कालागढ़ और कोसी से पानी नहीं छोड़ा गया है। एसडीओ ने बताया कि अगले कुछ दिन तक बारिश न हुई तो बरेली में हालात सामान्य होने लगेंगे। रात करीब दस बजे रामगंगा का जलस्तर 161.6 मीटर दर्ज किया गया।
बाकरगंज से कटा 13 गांवों का संपर्क
किला नदी में जल प्रवाह होने की वजह से दौली, मुरूपुरा, भूरा, सहसिया, हुसैनपुर, तिलपुरा समेत 13 गांव से बाकरगंज का सपंर्क क ट गया है। शनिवार को नदी का पानी कम होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। बाकरगंज के रहने वाले हसीन, जहीर अहमद, वीरू, समीर का कहना है कि सुबह से ही लगातार पानी कम हो रहा है। पर दौली रघुवर दयाल जाने वालों को अभी भी पानी के बीच से गुजरकर जाना पड़ रहा है।