हेड कांस्टेबल ने छीनी थी वनकर्मी से बंदूक
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी पीलीभीत के मोहल्ला भूरे खा निवासी जीशान ने बताया कि वह अपने घर पर सभी साथियों को इकट्ठा करके योजना बनाता था। वह ही असलहे उपलब्ध कराता था। पहले भी कई बार शिकार करने की बात कही। शिकार को मारकर उसके सींग आदि बिक्री के लिए रखते थे। चीतलों के शिकार के बाद आरोपी हेड कांस्टेबल मंसूर ने ही वनकर्मी की बंदूक छीनी थी, जिससे बरामद कर लिया गया।
पीएसी में तैनात रहा है हेड कांस्टेबल मंसूर
पुलिस की गिरफ्त में आए गिरोह में शामिल हेड कांस्टेबल मंसूर सहारनपुर जनपद के कस्बा तीतरों का रहने वाला है। वर्तमान में उसकी तैनाती पीलीभीत पुलिस लाइन में थी। इससे पहले वह बरेली की 08 बटालियन पीएसी में भी तैनात रहा चुका है।
गिरोह के यह भी सदस्य चढ़े हत्थे
मुख्य आरोपी जीशान के अलावा मंसूर अली, न्यूरिया के ग्राम न्यूरिया कालोनी निवासी सपन सरकार उर्फ काला, बिपलव, गांव गुलड़िया बिथरा निवासी गुरूबिंदर सिंह, उत्तराखंड के उधम सिंह जनपद के थाना धनकुईया के गांव बग्गा चौववन निवासी अब्दुल हकीम को भी गिरफ्तार किया गया।
यह बरामद हुए असलहे
आरोपियों के पास से वनकर्मी से छीनी गई डबल बेरिंग बंदूक के अलावा एक डबल बेरिंग बंदूक, एक डबल बेरिंग पोनिया, एक देशी बंदूक 12 बोर, एक रिवाल्वर लाइसेंसी फैक्ट्री मेड के अलावा एक हिरण का सींग और मांस काटने के उपकरण बरामद हुए।