सपा और शिवपाल पर बरसीं संघमित्रा
पत्रकारों से वार्ता में सांसद संघमित्रा ने कहा कि उम्मीदवार घोषित होने के एक महीने तक शिवपाल सिंह यादव नहीं आए, लेकिन जब आए तो मात्र तीन से चार दिन के अंदर, इस घटना का घटित होना कहीं न कहीं उनके कहे गए वाक्यों से तुलना करती हूं क्योंकि उन्होंने खुलकर कहा था कि मैं बदायूं आ गया हूं सब कुछ ठीक हो जाएगा। तो उन्हें शायद लगा होगा कि बदायूं में फिर से मजहब की दीवार खड़ी की जाए। यहां पर उसी तरह से डरा धमका कर राजनीतिक की जाए। वो अपनी दबंगई दिखाना चाहते होंगे। जैसा उन्होंने (सपा) के समय में किया था।
संघमित्रा ने कहा कि जब 1998-99 में सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव संभल लोकसभा क्षेत्र से सांसद हुआ करते थे। तब बिसौली और गुन्नौर संभल में होता था। उस समय बदायूं के तत्कालीन प्रत्याशी बूथ कैप्चरिंग किया करते थे। शायद उनके उनकी मंशा की वजह से ही यह दुखद पल आज हमें देखने को मिला है। वैसे भी सपा दंगों से वोट लेती रही है। सपा सरकार में तीन सौ से अधिक दंगे हुए। शिवपाल सिंह यादव पर वार करते हुए पर मथुरा के जवाहर बाग कांड का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस कांड के सूत्र धार वही थे जो सपा के बदायूं से उम्मीदवार हैं।