काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के 12वीं के नतीजे में हार्टमैन कॉलेज के ध्रुव अरोरा ने 97.5 फीसदी और 10वीं में शेखर कालरा ने 98.6 फीसदी अंकों के साथ मंडल में टॉप किया है। 12वंी में हाटमैन के ही छात्र सौरभ सिंह 95 फीसदी अंक और सेंट मारिया कॉलेज की आयुषी बंसल ने 92 फीसदी अंक पाकर मंडल में दूसरा स्थान प्राप्त किया। दोपहर तीन बजे सीआईएससीई का रिजल्ट आते ही विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए। नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए इस बार करीब एक हफ्ते पहले ही रिजल्ट घोषित कर दिया गया। दसवीं में जहां 100 फीसदी बच्चे पास हुए वहीं 12वीं में 98 फीसदी बच्चों के चेहरे खिले। इस बार हिन्दी में बच्चों ने काफी अच्छे नंबर हासिल किए।
रिवीजन सफलता का मूल मंत्र : शेखर
शेखर कालरा ने आईसीएसई में 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मंडल में पहला स्थान हासिल किया है। इनका सपना डॉक्टर बनने का है। सेल्फ स्टडीज को वह बेहतर बताते हैं। कहते हैं कोचिंग पर अधिक ध्यान नहीं देना चाहिए। शेखर के पिता भारत कालरा और मां अंजुला कालरा डॉक्टर हैं। शेखर का जितना ध्यान पढ़ाई में रहता है उतना ही ध्यान खुद को रिलैक्स करने पर भी देते हैं। टीवी देखना, गाने सुनना और किताब पढ़ना इन्हें पसंद है। कहते हैं कि रिवीजन सफलता का मूल मंत्र है। एग्जाम के समय नया अध्याय याद करने से अच्छा है जो याद कर चुके हैं उसे ही दोहरा लें।
अच्छे अंक के लिए सेल्फ स्टडीज बेहतर
आईएससी में हार्टमैन कॉलेज के ध्रुव अरोरा 97.5 फीसदी अंक लाकर मंडल टॉप किया। इन्हें खेलने के साथ टीवी देखना पसंद है। छोटे पर्दे पर पोकेमॉन इनका दोस्त है। बताते हैं कि उसकी पुरानी सिरीज इन्होंने सहेज कर रखा है। इंजीनियर बनने का सपना है, इसके लिए अभी से मेहनत कर रहे हैं। फिजिक्स, केमेस्ट्री और गणित के साथ पढ़ाई कर रहे मॉडल टाउन में रहने वाले ध्रुव के पिता जितेंद्र अरोरा व्यवसायी हैं और मां पूनम अरोरा गृहणी। ध्रुव ने गणित और कम्यूटर में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। कहते हैं कि कोचिंग में कुछ नहीं रखा है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने हैं तो सेल्फ स्टडीज ही बेहतर रास्ता है।