कार चढ़ाकर मारने की भी हुई कोशिश, एक गिरफ्तार, दूसरा भाग गया
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कैशियर के प्लॉट का रास्ता खोलने पर आपत्ति कर रहे हैं आरोपी
बरेली। शेरू यादव की हत्या के बाद लंबे समय तक शांत रहे उसके गुर्गे ललित सक्सेना ने फिर दबंगई शुरू कर दी है। प्लॉट का रास्ता खोलने के विवाद में उसने महलऊ निवासी अपने साथी मोईनुद्दीन के साथ परतापुर चौधरी निवासी बैंक कैशियर चंद्रशेखर भारद्वाज और उनकी पत्नी कृष्णा भारद्वाज पर हमला कर हत्या की कोशिश की। पुलिस ने मोईनुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि ललित भाग गया।
कृष्णा भारद्वाज ने बताया कि उनके पति चंद्रशेखर नेवी से रिटायर हैं और अब बैंक में कैशियर की नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने बताया पांच अगस्त की रात वह अपने पति के साथ स्कूटी से प्लॉट देखकर घर लौट रही थीं। रास्ते में ललित सक्सेना और मोईनुद्दीन ने उन पर कार चढ़ाकर मारने की कोशिश की। जान बचाकर वे लोग एक गली में घुसे तो उन पर फायरिंग कर दी गई। कृष्णा के मुताबिक, अगस्त 2020 में उनके घर के पास एक व्यक्ति को गोली मार दी गई थी। इस मामले में उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी । तब से ललित सक्सेना रंजिश मानने लगा। उन्होंने बताया कि उनके प्लॉट के पास ही शेरू यादव की पत्नी का मकान है। उनके प्लॉट का एक रास्ता उसके घर की तरफ भी है लेकिन वह नहीं चाहती कि वे लोग दरवाजा लगाएं। इसकी वजह से ही ललित सक्सेना उन्हें धमका रहा है।
कई बार उखाड़ ले गया दरवाजा
कृष्णा ने बताया कि वह दो-तीन बार दरवाजा लगवा चुकी हैं लेकिन ललित सक्सेना हर बार दबंगई करके उनका दरवाजा उखाड़ ले जाता है। आए दिन लोगों के घर के आसपास फायरिंग करके डराया धमकाया जाता है। इज्जतनगर इंस्पेक्टर सतीश कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। उसकी तलाश की जा रही है। उसके साथी मोईनुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।