शाहजहांपुर के जलालाबाद के गांव ककराहा में प्रेम प्रसंग के विरोध में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद मंगलवार को प्रीति और सनोज के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस बीच प्रीति के परिजन ने अपनी बेटी का शव लेने से इनकार कर दिया।
पिता और भाइयों ने बेटी से कोई रिश्ता न होने की बात कहते हुए पुलिस को लौटा दिया। इसके बाद पुलिस ने रिश्तेदारों और ग्रामीणों को समझाकर सुपुर्दगी में शव देकर गर्रा स्थित मोक्षधाम पर दफना गया।
सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हाकिम के बेटे मूलचंद्र उर्फ मुलायम ने अपनी बहन प्रीति (18) और उसके प्रेमी सनोज (18) को गोली मार दी थी। प्रीति की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस ने प्रीति का शव राजकीय मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवा दिया था।
रात करीब सवा आठ बजे इलाज के दौरान सनोज उर्फ सोनू की भी मौत हो गई। मंगलवार सुबह पुलिस ने प्रीति के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस बीच पोस्टमार्टम हाउस पर परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा।
लड़की पक्ष का कोई व्यक्ति नहीं आने पर पुलिस ने गांव में परिजनों से संपर्क साधा। मां ईश्वरवती, भाई राजीव और सुशील से पुलिस ने बात की। परिजन ने कहा कि प्रीति ने उनकी बहुत बदनामी कराई है। अब उनका अपनी बेटी से कोई रिश्ता नहीं है।