वह ऑटो चलाकर परिवार को पालने और बच्चों को पढ़ाने में जुट गए। बेटी घर के पास ही स्थित सूरजमुखी सरस्वती विद्या मंदिर की छात्रा थी। अशोक के मुताबिक कोरोना काल से ही उनका काम सही नहीं चल रहा था, जिसकी वजह से वह लंबे समय से साक्षी के स्कूल की फीस जमा नहीं कर सके थे। इसके चलते फीस के 25 हजार रुपये बकाया थे।
Bareilly News: स्कूल ने परीक्षा देने से रोका तो छात्रा ने की आत्महत्या, पिता नहीं जमा कर पाए थे फीस
आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने साक्षी को परीक्षा में नहीं बैठने दिया। स्कूल से उसे ताना देकर घर भेज दिया जाता था। इस तरह उसकी दो परीक्षा छूट गई थीं, जिसकी वजह से साक्षी मानसिक रूप से परेशान थी। उन्हें लगता है कि बेटी ने इसी उलझन में जान दी है। हालांकि उन्हें बेटी के इस कदम का आभास होता तो वह किसी भी तरीके से उसकी फीस जरूर जमा कर देते।
तंगी से जूझ रहा परिवार
अशोक कुमार के मुताबिक उनके पास नाममात्र जमीन है। परिवार में पत्नी कमलेश, 17 साल का बेटा शिवम और 14 साल की बेटी साक्षी थे। जमीन की आय से गुजारा नहीं हो पा रहा था तो शहर आकर बसे। पहले राशनकार्ड था, अब वह भी निरस्त हो चुका है।
'आत्महत्या के पीछे अन्य कोई वजह'
सूरजमुखी सरस्वती विद्या मंदिर के प्रबंधक मंगला प्रसाद अवस्थी ने बताया कि छात्रा के आत्महत्या करने के पीछे कोई अन्य वजह है, जिसकी जांच होनी चाहिए। वह 2019 से विद्यालय में पढ़ रही थी। आज तक विद्यालय को उसकी फीस नहीं मिली। इस साल छात्रा नौवीं और उसका भाई हाईस्कूल की परीक्षा दे रहा था।
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दोनों भाई बहनों की फीस इस बार भी नहीं आई थी। इसके बाद भी स्कूल ने दोनों को परीक्षा देने से नहीं रोका। छात्रा आखिरी बार 23 फरवरी को पहला पेपर देने आई थी उसके बाद से स्कूल नहीं आई है। आत्महत्या के पीछे की किसी अन्य वजह को स्कूल पर मढ़ा जा रहा है।