इस बीच सद्दाम की फरमाइशें बढ़ने पर जेल व पुलिस-प्रशासन के अफसरों ने शासन को गोपनीय रिपोर्ट भेज दी। इसके आधार पर सद्दाम और आतिन की जेल बदलने का फैसला लिया गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सद्दाम और आतिन जफर को दूसरे जिलों की जेल में ट्रांसफर किया गया है।
उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों की अशरफ से मुलाकात कराने में भी सद्दाम और उसके खास गुर्गे बरेली निवासी लल्ला गद्दी की भूमिका सामने आई थी। बिथरी थाने में सद्दाम, लल्ला गद्दी और उसके अन्य गुर्गों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। दूसरा मुकदमा सद्दाम व उसके साथियों के खिलाफ बारादरी थाने में दर्ज हुआ था।
दोनों मुकदमों की विवेचना के लिए सीओ तृतीय के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई थी। अशरफ व सद्दाम के गुर्गों को जेल भेजा गया था। जेल के आरक्षी भी जेल गए थे। फिर नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। उमेश पाल की हत्या के बाद सद्दाम भूमिगत हो गया था। एसटीएफ ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था।