तहसील परिसर में किसानों ने की नारेबाजी, तीन घंटे तक वार्तालाप चली, समझाने पर लौटे
बहेड़ी। सोमवार की रात बहेड़ी क्षेत्र का गन्ना सितारगंज ले जाते समय किसान पर दर्ज हुई रिपोर्ट के विरोध में किसानों ने तहसील परिसर में हंगामा किया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी की। एसडीएम के समझाने के बाद किसान लौट गए। इधर, किसान अंकुर सिंह ने गन्ना समिति सचिव राजीव सेठ के खिलाफ तहरीर देते हुए मोबाइल फोन, पांच हजार रुपये नकदी, एटीएम कार्ड लूटने का आरोप लगाया है।
मंगलवार को किसान संगठनों के पदाधिकारी तहसील प्रांगण में एकत्रित हुए। केसर चीनी मिल प्रबंधन व सचिव राजीव सेठ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे पहले किसान गन्ना सचिव व ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक संजय राव से मिलने के लिए समिति परिसर पहुंचे थे, लेकिन दोनों अधिकारी नहीं मिले। इसके बाद किसान इकट्ठा होकर तहसील प्रांगण में अन्य किसानों के साथ हंगामा करने लगे। एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव अपने दफ्तर में शिकायत सुन रही थीं। करीब तीन घंटे तक एसडीएम और किसानों के बीच वार्तालाप चलती रही।
एसडीएम ने किसानों को समझाते हुए कहा कि किसी तरह की वह कानून को अपने हाथ में न लें। उनकी जो भी शिकायतें हैं। वह जिले के अधिकारियों तक पहुंचा देंगी। उनके समझने के बाद किसान तहसील परिसर से गन्ना समिति परिसर पहुंच गए। यहां पर काफी देर रुकने के बाद किसान वापस चले गए।
मिल पर 150 करोड़ रुपये का बकाया
किसानों ने गन्ना समिति सचिव व केसर चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ एक तहरीर एसडीएम को सौंपा। किसान नेता सरदार सतनाम सिंह, इकबाल सिंह चीमा, चौधरी विजेंद्र सिंह ने एक स्वर में कहा कि अगर केसर चीनी मिल किसानों का समय से भुगतान कर दे तो फिर वे किसी दूसरी चीनी मिलों में गन्ना लेकर क्यों जाएंगे। चालू पराई सत्र का मात्र दो दिन का भुगतान चीनी मिल ने दिया है। नवंबर से लेकर अब तक का भुगतान करीब 150 करोड़ बकाया चल रहा है। चीनी मिल प्रबंधन की नीति है कि किसान का गन्ना उधार लेकर किसानों पर ही फर्जी मुकदमे दर्ज करवा दें, जो कि ऊचित नहीं है।
उच्चाधिकारियों के आदेश पर हुई रिपोर्ट
बहेड़ी के सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव सेठ ने बताया कि मौके पर पकड़े गए किसान अंकुर सिंह के पास वैध गन्ना होने का कोई भी प्रमाण नहीं था। उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद मामला दर्ज कराया गया है।