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रबर फैक्टरी प्रकरण : ऑफिशियल लिक्विडेटर आज करेंगे सभी पक्षों की सुनवाई

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बरेली। सालों से बंद पड़ी रबर फैक्टरी पर बैंक और कर्मचारियों की देनदारी के दावों को लेकर न्यायिक निर्णय के संबंध में मंगलवार को चर्चा की जाएगी। ऑफिशियल लिक्विडेटर के नोटिस पर बैंक प्रतिनिधि, कर्मचारी संगठन के नामित पदाधिकारी और फैक्टरी मालिकान मुंबई पहुंच गए हैं।
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करीब 23 साल बाद पहली बार रबर फैक्टरी के प्रकरण में बकाएदार, देनदार और भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मचारी मंगलवार को आमने-सामने होंगे। दोपहर साढ़े 12 बजे कर्मचारियों और क्रेडिटर्स के दावों पर चर्चा की जाएगी। भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के ऑफिशियल लिक्विडेटर ने सभी पक्षों को पिछले महीने नोटिस भेजकर इस प्रकरण में न्यायिक निर्णय पर मंथन के लिए बुलाया था। बरेली से एस एंड सी कर्मचारी यूनियन के सचिव अशोक कुमार बैठक में शामिल होने के लिए सोमवार को मुंबई पहुंच गए। बताया जा रहा है कि दूसरे पक्ष भी इस बैठक में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं।
ऑफिशियल लिक्विडेटर की ओर से जारी नोटिस में कहा गया था कि पांच जुलाई को दोपहर 12:30 बजे कर्मचारी, क्रेडिटर्स के दावे और उनके न्यायिक निर्णय के संबंध में मंथन किया जाएगा। लिहाजा सभी पक्ष अपने दावों से संबंधित जरूरी दस्तावेज के साथ लेकर पहुंचें। कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी ने बताया कि वह चार साल पहले भी सभी वैध दस्तावेज ऑफिशियल लिक्विडेटर को उपलब्ध करा चुके हैं।
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इस बैठक में एसएम प्रधान एंड कंपनी (ऑफिशियल लिक्विडेटर पैनल के चार्टर्ड एकाउंटेंट), रबर फैक्टरी मजदूर संघ बरेली के चेयरमैन प्यारेलाल प्रजापति, एस एंड सी कर्मचारी यूनियन के सचिव अशोक मिश्रा, यूनियन ऑफ सिंथेटिक एंड केमिकल्स लिमिटेड के एकेएस लीगल कंसल्टेंट एडवोकेट, पूर्व निदेशक अजय सुरेश किलाचंद, पूर्व निदेशक सुरेश तुलसीराम किलाचंद, पूर्व निदेशक सुनील दत्त शर्मा के मौजूद रहने की संभावना है।
कर्मचारियों और बैंकों की फैक्टरी पर करीब छह सौ करोड़ देनदारी
रबर फैक्टरी 23 साल से बंद पड़ी है। फैक्टरी की करीब 18 अरब की प्रॉपर्टी है। फैक्टरी के सवेतन अवकाश पर चल रहे 1443 कर्मचारी और बैंकों के भुगतान के बाद ही राज्य सरकार को जमीन पर कब्जा मिलेगा। दोनों पक्षों की करीब छह सौ करोड़ की देनदारी फैक्टरी पर बकाया होने का अनुमान है। बता दें कि जिला प्रशासन की कमजोर पैरवी की वजह से साल 2019 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अलकेमिस्ट के हक में फैसला सुना दिया था। जमीन की नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने पर जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप पर प्रदेश सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में पुनर्प्रवेश याचिक ा दायर की है। इस प्रकरण में अब पहली बैठक सभी पक्षों के साथ होगी।
इनको बुलाया गया
याचिकाकर्ता हिंदी भवन न्यास समिति के पुरुषोत्तम, याचिकाकर्ता और एडवोकेट ध्रुव लीलाधर, सिक्योर्ड क्रेडिटर आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, दि बैंक ऑफ टोक्यो मित्सबिशी यूएफजे लिमिटेड, स्ट्रेस्ड एसेट्स स्टेबिलिसेशन फंड, एलकेमिस्ट एसेट रिकंसट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों को भी न्यायिक निर्णय के संबंध में मंथन के लिए ऑफिशियल लिक्विडेटर ने बुलाया है।
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