मार्च 2020 में मिला था पहला मरीज
27 मार्च 2020 को जिले में कोरोना का पहला मरीज मिला था। तब से मई 2023 तक शहर ने कोरोना की तीन लहरों को झेला। 51 हजार लोग संक्रमित हुए थे और 378 लोग काल के गाल में समा गए थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक 22 लाख लोगों की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच की जा चुकी है।
माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गोयल के मुताबिक कोरोना के नए स्वरूप को लेकर दुनियाभर में शोध हो रहे हैं। अभी तक की जांच में पता चला है कि कोरोना का जेएन-1 स्वरूप ओमिक्रॉन से निकला है। इसके चपेट में आने पर तेज बुखार, नजला, गले में खराश, सिर और पेट में दर्द, दस्त के लक्षण उभरते हैं। हालांकि, यह कितनी तेजी से फैलता है और यह कितना घातक है, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
निमोनिया और कोविड के नए स्वरूप को लेकर बीते दिनों चिकित्सकों व अधिकारियों ने तीन सौ बेड अस्पताल में आईसीयू, पीकू, इमरजेंसी, कोविड वार्ड में लगे उपकरणों की क्रियाशीलता जांची थी। ऑक्सीजन प्लांट भी चलाकर देखा था। सभी उपकरण संचालित मिले थे।