प्रकरण की जांच में हुआ अस्पताल के खेल का खुलासा
बरेली। कोरोना काल में निजी अस्पतालों की लूट का एक और मामला प्रकाश में आया है। डिस्चार्ज की गुहार लगा रहे संक्रमित के परिजन को मरीज की हालत बिगड़ने का भय दिखाकर ऑक्सीजन कन्संट्रेटर खरीदने का दबाव बनाया गया। करीब 60 हजार रुपये कीमत के कन्संट्रेटर के 1.69 लाख रुपये वसूले गए। प्रकरण की शिकायत जांच में सही पाए जाने पर सीएमओ ने रुपये लौटाने का निर्देश दिया है।
सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह की ओर से जारी पत्र के मुताबिक सिविल लाइंस आवास विकास के एबीए इंटरप्राइजेज से सिकलापुर के रहने वाले शरद कुमार अग्रवाल ने ऑक्सीजन कन्संट्रेटर खरीदा था। शरद 20 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुए थे। इलाज के लिए मिशन अस्पताल में भर्ती हुए थे। 30 अप्रैल को स्वस्थ होने के बाद डॉ. सुमित खंडेलवाल ने प्रार्थी से कहा कि दस लीटर का ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर खरीदो तभी अस्पताल से डिस्चार्ज करेंगे। हालत बिगड़ने का भय दिखाने पर परिजन घबरा गए। उन्होंने कंसन्ट्रेटर खरीदने की सहमति जताई तो उन्हें एबीए इंटरप्राइजेज का नंबर डॉक्टर ने दिया। इसके बाद संबंधित दुकान से बाजार मूल्य के तहत 60 हजार रुपये के ऑक्सीजन कन्संट्रेटर के बदले उनसे 1.69 लाख रुपये वसूले गए। जो पर्चा दिया वह 1.59 लाख रुपये का था। मामले की शिकायत शरद अग्रवाल ने पिछले दिनों की थी।
सभी साक्ष्यों की पड़ताल के बाद पता चला है कि एबीए इंटरप्राइजेज ने संक्रमित के परिजन की मजबूरी का फायदा उठाते हुए करीब तीन गुना रकम वसूली है। वसूली गई करीब एक लाख रुपये ज्यादा रकम लौटाने के लिए सीएमओ ने पत्र लिखा है। साथ ही, शिकायतकर्ता को रुपये देने के बाद संस्तुति पत्र लेकर सीएमओ कार्यालय में जमा करने को कहा है। अन्यथा की स्थिति में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उपकरणों के लिए खूब हुआ वसूली का खेल
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कि ल्लत के चलते कई कारोबारियों ने जमकर खेल किया। उन्होंने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। आठ सौ रुपये के ऑक्सीजन नेजल पाइप, मास्क, स्प्रे, कैनुला आदि की दस गुनी अधिक कीमत वसूली गई थी। वहीं, एंबुलेंस चालकों ने भी एक किमी. सफर के पांच से दस हजार रुपये तक पीड़ित के परिजन से वसूले थे। निजी अस्पताल समेत ऐसे कई प्रकरण की शिकायत सीएमओ कार्यालय में पहुंचने पर जांच में पुष्टि होने पर निजी अस्पतालों से रुपये पीड़ित को दिलवाए गए। वहीं, अन्य पर विधिक कार्रवाई की गई।