4.8 लाख रिकॉर्ड किए डिजिटल
पिछले 100 दिनों में देशभर से 450 से अधिक संस्थानों ने ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (एपीएएआर) आईडी के साथ 45 लाख से अधिक क्रेडिट-पैटर्न रिकॉर्ड डिजिलॉकर पर अपलोड किए हैं। इसमें रुविवि ने 4.8 लाख रिकॉर्ड कर नया आयाम स्थापित किया है, जोकि देश में सबसे अधिक है। इसमें 3.5 लाख दस्तावेजों के साथ गुजरात टेक्नोलॉजिकल विश्वविद्यालय दूसरे स्थान पर व 2.2 लाख रिकॉर्ड के साथ मैसूर विश्वविद्यालय तीसरे पायदान पर है।
विश्वविद्यालय छात्रहित के कार्यों को प्रथम वरीयता देता है। उसके लिए विवि संपूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यह कर्मचारियों, अधिकारियों व शिक्षकों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। इसी तरह से विवि नए आयाम स्थापित करता रहेगा। - प्रो. केपी सिंह, कुलपति, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
डिजिलॉकर पर अपलोड करने वाले शीर्ष 10 संस्थान
1. महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय -4.8 लाख
2. गुजरात टेक्नोलॉजिकल विश्वविद्यालय-3.5 लाख
3. मैसूर विश्वविद्यालय, मैसूर-2.2 लाख
4. उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर-1.7 लाख
5. डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या-1.6 लाख
6. वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय, सूरत-1.6 लाख
7. शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर-1.6 लाख
8. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, लखनऊ-1.2 लाख
9. दिल्ली विश्वविद्यालय-1 लाख
10. महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर-98 हजार