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Bareilly News: शहरवासी सहयोग करें....नगर निगम व्यवस्था सुधारे, सूरत-इंदौर जैसा संवरेगा बरेली

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बरेली। नगर निगम व्यवस्था दुरुस्त करे और आम जनता का सहयोग मिले तो अपना बरेली भी सूरत, इंदौर जैसे स्वच्छ, सुंदर शहरों में शामिल हो जाएगा। अभी शहर को स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल बनाने में घर-घर कूड़ा उठान व निस्तारण की बिगड़ी व्यवस्था बड़ी बाधा है। इसी बाधा के कारण राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में बरेली का नाम देश के टॉप 100 शहरों शामिल होने के बावजूद 80वें स्थान पर ही पहुंच सका।
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अगली प्रतिस्पर्धा के लिए शहरवासियों को घर में ही गीला-सूखा कूड़ा मेडिकल वेस्ट अलग-अलग करना होगा। यही नहीं लोग कूड़ा तभी घर से निकालें जब नगर निगम की गाड़ी आए। नगर निगम को इसके लिए अपनी व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी। अभी 80 हजार घरों से निगम कूड़ा नहीं उठा पा रहा। घर-घर कूड़ा उठान होने से शहरवासी भी बाहर कूड़ा नहीं फेंकेगे। इसके साथ ही एकत्र कूड़े का निस्तारण होने से टॉप शहरों में बरेली शामिल हो जाएगा।

ऐसे रैंकिंग में पिछड़ा हमारा शहर
स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिग 2023 कुल 9500 अंकों पर हुई। इसमें बरेली कुल 6293.90 अंक पाकर 3207 अंक पीछे रहा। सूरत और इंदौर को मिले अंकों से तुलना करें तो बरेली उनसे 3055 अंक पीछे है। इस तरह पिछड़ने के कारणों को देखें तो अगर शहर में सभी एसटीपी चालू हो गए होते और एसटीपी से निकलने वाला पानी सिंचाईं में इस्तेमाल हो रहा होता तो ओडीएफ डबल प्लस के बाद की स्टार रेटिंग होती। इस श्रेणी में 2500 अंकों के सापेक्ष 2000 तक अंक मिल सकते थे। इसी तरह अगर सूखे व गीले कूड़े को घर से अलग-अलग लोग निकालते और घरों से कूड़ा उठता तो नागरिक मार्किंग में भी अंक बढ़ सकते थे। साथ ही शहर के सभी 2 लाख 10 हजार घरों से नगर निगम का सिस्टम कूड़ा उठाने में सफल होता तो सर्विस लेवल प्रोग्रेस में भी हम पूर्णांक के करीब पहुंच सकते थे।
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उपलब्धि: साल दर साल हो रहा सुधार
एक अच्छी बात ये है कि शहर को स्वच्छ बनाने के प्रयास जारी हैं। इसीलिए साल दर साल रैकिंग सुधरी भी है। वर्ष 2017 में नगर निगम की 298वीं रैंक थी। वर्ष 2018 में 322, 2019 में 117, 2020 में 149, 2021 में 153, 2022 में 137 व इस बार 2023 में 80वीं रैंक मिली है। इन्हीं प्रयासों को और तेज करना है।

कोट-

जहां तक हम पहुंचे हैं वहां पहुंचना भी कम बड़ी उपलब्धि नहीं है। अब नागरिकों का सहयोग मिले तो हम सूरत और इंदौर की तरह 7 स्टार शहर की श्रेणी में आ सकते हैं। हम संसाधनों का विस्तार कर रहे हैं लेकिन लक्ष्य तभी हासिल होगा जब जनता जागरूकता दिखाएगी।
-अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त

किस श्रेणी में कितने अंक मिले
श्रेणी अंक मिले पूर्णांक

ओडीएफ डबल प्लस श्रेणी व गार्वेज फ्री सिटी 1250 2500
सिटीजन वाइस मार्किंग 1595.70 2170

सर्विस लेवल प्रोग्रेस 3448.20 4830



2024 के लिए नगर निगम की यह है तैयारी

40 मिनी एमआरएफ सेंटर बनेंगे। सथरापुर में कूड़ा निस्तारण संयंत्र लगेगा। बाकरगंज से कूड़े का पहाड़ खत्म होगा। सार्वजनिक स्थलों के टायलेट ठीक से संचालित होंगे। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन से छूटे घरों से भी कूड़ा लिया जाएगा। घर से ही कूड़ा अलग-अलग करके देने के लिए जागरूकता बढ़ाएंगे।
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आम नागरिकों से अपेक्षा

सिगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें। कूड़ा अपने घर से ही अलग-अलग करते हुए दें। हरी सब्जी के कूड़े से अपने ही घर में कंपोस्ट तैयार करें।


अभी ये है स्थिति
शहर के दो लाख दस हजार में से 80 हजार घरों से कूड़ा लेने का अभी नहीं है इंतजाम।

सिर्फ 200 घरों में ही सब्जियों के कचरे से कंपोस्ट बनाने का है इंतजाम।
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