बरेली। स्विटरजरलैंड का वीजा बनाने के नाम पर एक ट्रैवल एजेंसी के मालिक ने पहले 30 हजार रुपये ले लिए। वीजा बनकर आने के बाद दो लाख रुपये और मांगे। युवकों ने जब वीजा की कॉपी स्विटरजरलैंड की एंबेसी भेजी तो पता चला कि वीजा फर्जी है। इस मामले में ट्रैवल एजेंसी के मालिक के खिलाफ प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ऊधमसिंह नगर के गदरपुर स्थित गांव धीमरी खेड़ा के रहने वाले इंद्रजीत और उनके दोस्त जगजीवन ने फेसबुक पर प्रेमनगर में लल्ला मार्केट की ट्रैवल कंपनी के मालिक बलराज सिंह उर्फ राजवीर का विज्ञापन देखा था। दोनों ने उनसे संपर्क कर स्विट्जरलैंड घूमने के लिए वीजा बनवाने की बात कही। राजवीर ने दोनों से 30 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद वीजा फेसेलिटी सर्विस (वीएफएस) के दिल्ली स्थित कार्यालय पर तारीख की बुकिंग कर दी। राजवीर ने 30 जनवरी को टूरिस्ट वीजा आने की बात कही और दोनों से दो लाख रुपये और मांगे। उसने बीजा की कॉपी व्हाट्सएप पर इंद्रजीत को भेज दी। इंद्रजीत ने स्विट्जरलैंड एंबेसी को वीजा जांच के लिए भेज दिया। एंबेसी से उन्हें मेल कर बताया गया कि वीजा फर्जी है। जब ट्रैवल एजेंसी गए और वीजा फर्जी होने की बात कही तो बलराज मारपीट करने पर उतारू हो गया। तहरीर पर प्रेमनगर पुलिस ने खीरी के धौरहरा कस्बा निवासी बलराज सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।