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चार दिन बाद बारिश थमने से किसानों समेत जनजीवन को राहत

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शाहजहांपुर में मंगलवार को सर्दी से बचाव को बाजार में गर्म कपड़ों की खरीदारी करते लोग। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। पहाड़ों पर बर्फबारी जारी रहने के बावजूद पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने के कारण बीते चार दिन से जारी बूंदाबांदी और बारिश का दौर मंगलवार को थम गया। इससे फसलों को हो रहे नुकसान से परेशान किसानों समेत आम जनजीवन ने राहत की सांस ली। रात में आर्द्रता की अधिकता से न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री घटकर 11.8 डिग्री सेल्सियस रह गया, लेकिन दिन में हल्की धूप निकलने से अधिकतम तापमान 1.1 डिग्री बढ़कर 20.3 डिग्री सेल्सियस हो गया।
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बीते दिनों की तरह सुबह की शुरुआत कोहरा और बादलों के साथ हुई, लेकिन सूर्योदय के बाद सूरज जैसे-जैसे आसमान पर चढ़ा, उसकी किरणें तेज होती गईं। दिन में दस बजे के बाद बादल थोड़े झीने पड़े तो धूप झांकने लगी और इसी के साथ माहौल में सर्दी कम होने के साथ गरमाहट पनपने लगी। बारिश थमी तो कीचड़ सूखने से शहर की सड़कों पर आवागमन भी सुगम होने लगा। एक घंटे बाद से बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ने लगी।
जो लोग मौसम खराब होने के कारण गत कई दिन से बाजार नहीं पहुंच रहे थे, वह सभी दोपहर में थैले लेकर बाजारों को निकल पड़े। चौक मंडी से लेकर बहादुरगंज और सदर बाजार से गोविंदगंज तक बाजारों में कई रोज बाद पहले जैसी सामान्य रौनक दिखाई दी। इस दौरान लोगों ने किराना के सामान सहित सर्दी से बचाव को गर्म कपड़ों की खरीदारी में खासी दिलचस्पी दिखाई।
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हालांकि, गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि सर्दी बहुत जल्द पलटवार करेगी, क्योंकि मंगलवार को सुबह की तुलना में शाम को बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से दस अंक नीचे लुढ़क गया है। उनका कहना है कि बुधवार को सुबह पछुआ हवा से कोहरा ज्यादा देर नहीं टिकेगा, लेकिन दिन भर बादल छाए रहने और धूप कम निकलने से तापमान में गिरावट आएगी।
टोल फ्री नंबर पर दें फसली नुकसान की जानकारी
उप कृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह का कहना है कि गत सात से दस जनवरी तक जनद में हुई बारिश के दौरान जलालाबाद क्षेत्र के कुछ गांवों में ओलावृष्टि हुई, लेकिन उससे रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं को कोई क्षति पहुंचने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में आलू, सरसों, मसूर आदि को नुकसान होने की किसानों से जानकारी मिली है। इसलिए जिन किसानों को फसली नुकसान होने की आशंका है, वह बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-889-6868 पर अपनी सूचना नोट करा सकते हैं। डीडीए धीरेंद्र सिंह के अनुसार नुकसान के सर्वे के बाद मुआवजा उन्हीं किसानों को देय होगा, जो बीमित फसल की प्रीमियम धनराशि जमा कर चुके हैं। फसली नुकसान की लिखित सूचना उनके लोधीपुर स्थित कार्यालय कृषि भवन अथवा विकास भवन में भूूतल के कक्ष संख्या 101 स्थित कृषि कार्यालय में दी जा सकती है।
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