बरेली के फरीदपुर में रुपये लेकर स्मैक तस्करों को थाने से छोड़ने के मामले में फरार चल रहे इंस्पेक्टर रामसेवक की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कक्ष संख्या एक ने खारिज कर दी। फरार इंस्पेक्टर के अधिवक्ता जमानत अर्जी पर बहस करने कोर्ट में ही नहीं पहुंचे। इसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
इंस्पेक्टर रामसेवक अगस्त से फरार चल रहा है। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी और उसने हाईकोर्ट से राहत हासिल कर ली थी। हाईकोर्ट ने उसे सितंबर में राहत देते हुए 60 दिन के अंदर जिला अदालत से जमानत कराने का आदेश दिया था। उसने अपने खिलाफ दर्ज रिपोर्ट रद्द करने के लिए भी हाईकोर्ट में याचिका दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट से मिली मोहलत खत्म होने के बाद उसने जिला अदालत में जमानत अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इधर, मोहलत खत्म होने के बाद पुलिस ने भी उसकी गिरफ्तारी की तैयारी शुरू कर दी है।
ये है मामला
फरीदपुर में थाना प्रभारी रहते इंस्पेक्टर रामसेवक ने तीन स्मैक तस्करों को पकड़ने के बाद सात लाख रुपये लेकर उनमें से दो को बिना कार्रवाई के थाने से छोड़ दिया था। तीसरे के थाने में बंद रहने के दौरान उसके करीबियों की आवाजाही से मामला चर्चा में आया था। जांच के लिए अधिकारी थाने पहुंचे तो इंस्पेक्टर दीवार फांदकर भाग निकला था। तलाशी के दौरान उसके आवास से 9.96 लाख रुपये बरामद हुए थे।