बरेली। गरीबों को वितरित होने वाले खाद्यान्न को रेलवे मालगोदाम तक पहुंचाने के नाम पर राज्य भंडारण निगम (एसडब्ल्यूूसी) में लूटखसोट मची है। निगम ने 300-400 प्रतिशत ज्यादा दरों पर ठेके दे रखे हैं। ऐसी शिकायतों पर बरेली समेत कई मंडल के अफसरों पर गाज गिर चुकी है। एमडी भी सस्पेंड हो चुके हैं और अब क्षेत्रीय प्रबंधक एसडब्ल्यूसी एसएन यादव को बरेली से हटाकर मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
राज्य भंडारण निगम (एसडब्ल्यूूसी) गोदामों से खाद्यान्न उठाने और रेल रैक तक पहुंचाने के लिए होने वाले टेंडरों में जमकर घोटाले हो रहे हैं। ये घोटाले कई करोड़ रुपये के बताए जा रहे हैं। विभागीय मिलीभगत से ठेकेदार ऊंची दरों पर टेंडर आवंटन करा लेते हैं। बताया जा रहा है कि बरेली में सांठगांठ कर करीब एक साल से टेंडर ही नहीं किए गए।
तीन महीने पहले ई-टेंडर के जरिये आवेदन मांगे गए लेकिन पुरानी मनमानी दरों पर काम करने वाले प्रभावशाली लोगों ने ई-टेंडर प्रक्रिया ही फंसवा दी है। इसकी जानकारी मिलते ही प्रबंध निदेशक रविकांत गोस्वामी ने कागजात तलब कर एसडब्ल्यूसी एसएन यादव को बरेली से हटाकर मुख्यालय संबद्ध कर दिया है। इससे विभाग के अन्य अफसरों में भी खलबली मची हुई है।