चौपुला पुल और चौराहे पर जाम लगने से बचाने की कवायद में जुटे हैं अफसर
बरेली। लाल फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के चलते क्रॉसिंग को 90 दिनों तक बंद रखा जाएगा। ऐसे में इधर से गुजरने वाले हजारों वाहनों के सुगम आवागमन और शहर के दूसरे हिस्सों को जाम से बचाने की कवायद शुरू हो गई है। रोडवेज बसों की वजह से शहर में जाम के हालात न बनें, इसके लिए रोडवेज और ट्रैफिक पुलिस अस्थाई बस अड्डा बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए बदायूं रोड पर नेकपुर चीनी मिल ग्राउंड और लाल फाटक से आगे नवोदय विद्यालय की खाली जमीन को लेकर मंथन चल रहा है।
अफसरों का कहना है कि बदायूं की ओर आने-जाने वाली रोडवेज बसों का संचालन अस्थाई बस अड्डे से किया जाएगा। आगरा, मथुरा, जयपुर समेत अन्य जगह से आने वाले यात्री यहीं पर उतर सकेंगे। इससे चौपुला पुल पर वाहनों का दबाव नहीं बढ़ेगा और वहां जाम लगने से रोका जा सकेगा। लाल फाटक पर आवागमन बंद होने के बाद अगर रोडवेज बसों को चौपुला होकर पुराने बस अड्डे पर आने-जाने की छूट दी गई तो चौपुला के साथ ही चौकी चोराहा और पटेल चौक जाम की गिरफ्त में आ जाएंगे। ऐसे में अस्थाई बस अड्डा ही एकमात्र विकल्प है।
गौरतलब है कि लाल फाटक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर ट्रैफिक के चलते रेलवे के हिस्से के तीन पिलर का निर्माण कार्य पूरी रफ्तार से नहीं हो पा रहा है। वहीं, उत्तर रेलवे के जीएम और मुरादाबाद मंडल के डीआरएम नवंबर तक काम खत्म करने का अल्टीमेटम दे चुके हैं। इसके चलते काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर ने एक सितंबर से 90 दिनों तक लाल फाटक को बंद करके ट्रैफिक डायवर्ट करने की मांग की है। लिहाजा उस दिशा में आने-जाने वाले ट्रैफिक को लेकर अफसर प्लानिंग करने में जुटे हैं। इसके लिए महेशपुरा क्रॉसिंग से चौपुला की ओर ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाई गई। मगर इससे चौपुला पर जाम लगना तय है, इसका विकल्प अस्थाई बस अड्डा ही माना जा रहा है। इसके लिए रोडवेज और ट्रैफिक पुलिस ने मंथन शुरू कर दिया है। सोमवार को इस संबंध में बैठक भी बुलाई गई है।
दोनों स्थानों पर पर्याप्त जगह
रोडवेज अधिकारियों ने बताया लाल फाटक के दूसरी तरफ नवोदय विद्यालय की खाली जमीन पर अस्थाई बस अड्डा बनाने के लिए पर्याप्त जगह है। वहां से रोडवेज बसों के आवागमन में यह सहूलियत भी रहेगी कि दूसरे जिलों की बसों को बेवजह शहर नहीं आना पड़ेगा। यहां से बसें सीधे फरीदपुर की ओर निकल सकेंगी। दूसरे जिलों की बसों से शहर के जो यात्री आएंगे वह भी आसानी से अस्थाई बस अड्डे पर उतर, वहां से दूसरे साधनों के जरिए शहर तक आ सकेंगे। इसके अलावा बदायूं रोड पर नेकपुर चीनी मिल के पास खाली ग्राउंउ पर भी बसअड्डा बनाया जा सकता है। यहां से लोगों को शहर के अंदर तक पहुंचने में भी सहूलियत रहेगी।
इन विकल्पों पर भी विचार
लाल फाटक पर डायवर्जन के बाद रोडवेज के सामने यह विकल्प भी है कि दूसरे जिलों की बसों को बुखारा रोड होते हुए फरीदपुर की ओर निकाला जाए। शहर आने वाली बसें चौपुला होकर आ सकती हैं। मगर इससे चौपुला पर पहले से मौजूद जाम की समस्या और भी विकराल होगी। चौपुला होकर रोडवेज बसों के आवागमन से पहले भी स्थितियां बिगड़ चुकी हैं। इसको देखते हुए अधिकारी इस विकल्प से बच रहे हैं।
प्रभावित होगी हजारों की दिनचर्या
लाल फाटक पर ट्रैफिक डायवर्जन से प्रतिदिन हजारों लोगों की दिनचर्या प्रभावित होगी। रोडवेज की सौ से अधिक बसें प्रतिदिन लाल फाटक से आवागमन करती हैं। इन बसों में हजारों यात्री सफर करते हैं। करीब दस हजार से अधिक अन्य वाहन भी यहां से गुजरते हैं।
लाल फाटक पर डायवर्जन के बाद रोडवेज संचालन प्रभावित न हो, इसके लिए अस्थाई बस अड्डा बनाने की प्लानिंग की गई है। सोमवार को मौके का निरीक्षण किया जाएगा। डायवर्जन से रोडवेज यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। - आरबी यादव, एआरएम बरेली डिपो