जिला अस्पताल में भर्ती शांति और उसका भाई।
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मृतक पनिया के बेटे ने दी तहरीर, समझौते का दबाव बना रहा आरोपी
बरेली। डेलापीर मंडी में बुधवार देर रात फुटपाथ पर सो रहीं तीन मजदूर महिलाओं पर कार चढ़ाने और एक महिला की मौत हो जाने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली। हालांकि पुलिस ने आढ़ती की जानकारी होने के बावजूद उसे आरोपी बनाने के बजाय सिर्फ गाड़ी नंबर के आधार पर ही रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपी मृतका के परिवार पर लगातार समझौते का दबाव बना रहा है। कार सीज करने के बाद पुलिस अब आरोपी की तलाश करने की बात कह रही है। घायल दो महिलाओं में एक की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
इज्जतनगर क्षेत्र स्थित मंडी समिति परिसर में बुधवार रात मजदूरी करने के बाद थक-हारकर सोईं चौपुला चौराहा निवासी पुनिया (40), किला के चंदनपुर निवासी शांति और आशा को आजमनगर के एक आढ़ती ने लापरवाही से कार बैक करते वक्त कुचल दिया था। दिन भर मजदूरी करने के बाद तीनों वहां फुटपाथ पर ही सो गईं थीं। तीनों पर ही अपने परिवारों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी थी। हादसे के बाद बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई तीनों महिलाओं के परिवारों से आरोपी आढ़ती और उसके पक्ष के लोग मिलने भी पहुंचे थे। वहां लगातार उन पर समझौता करने का दबाव बनाया गया, लेकिन मां की मौत के जिम्मेदार से समझौता करना बेटे को मंजूर नहीं हुआ। दो दिन बाद शुक्रवार को मृतक पनिया के नाबालिग बेटे मनोज उर्फ झींगा ने इज्जतनगर थाने में घटना की तहरीर सौंप दी, लेकिन पुलिस ने सिर्फ कार नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की। आढ़ती की कार को सीज करने के बाद पुलिस अब उसे तलाश करने की बात कह रही है। वहीं घायल हुई शांति का जिला अस्पताल और आशा का सिटी स्टेशन रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
तहरीर पर मनोज के दुकान मालिक का डाल दिया फोन नंबर
शुक्रवार को मनोज की तरफ से इज्जतनगर थाने में दी गई तहरीर पर पड़े नंबर पर उससे संपर्क करने की कोशिश की गई तो सामने आया कि यह नंबर चौपुला चौराहे पर स्थित एक परचून की दुकान के मालिक हेमंत सिंह का है। हेमंत ने बताया कि मनोज के परिवार में किसी के पास फोन ही नहीं हैं। पिछले चार महीनों से वह करीब चार हजार रुपये महीने पर उनकी दुकान पर काम कर रहा है, लेकिन लॉकडाउन में दुकान बंद होने के कारण घर पर ही था।