आत्मावलोकन बेहद जरूरी
एसएसपी ने कहा कि विद्यार्थी खुद का आत्मावलोकन करें। इसके जरिये अपनी ताकत, कमजोरियों का आकलन करें। आपको जो मौका मिला है, उसकी अहमियत समझें। अपने डर को पहचान कर उस पर काबू करने की कोशिश करें। यहीं से आपकी जीत का रास्ता प्रशस्त होगा।
खुद पर दबाव को हावी न होने दें
एसएसपी ने विद्यार्थियों से आगामी बोर्ड परीक्षाओं पर भी बात की। उन्हें बताया कि परीक्षा के अंक महज एक संख्या हैं। अतिरिक्त अंक लाने के लिए खुद पर मानसिक दबाव न बनाएं। अभिभावक भी अपने बच्चों की तुलना दूसरों से न करें। उन्होंने कहा कि 10वीं का रिजल्ट महत्वपूर्ण है, लेकिन जीवन सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। आप में असीम प्रतिभा है। उसे पहचानिए और निखारिए। इसके जरिये आपकी पहचान बनेगी।
सवाल : ऑनलाइन गेम्स के जरिये जो पैसे मिलते हैं, वह कितने सुरक्षित हैं? - हर्ष सिंह
जवाब : ऑनलाइन गेम्स सुरक्षित नहीं हैं। इस तरह से जो पैसा आपको अकाउंट में दिखता है, उसे आप बैंक से निकाल नहीं सकते। इसके चक्कर में पड़कर अगर आपने अपनी बैंक की जानकारी शेयर कर दी है तो साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं।
सवाल : अगर किसी वजह से साइबर अपराध के शिकार हो जाते हैं तो किस तरह से खुद को बचा सकते हैं? - शुभांशु शर्मा
जवाब : हर थाने में साइबर सेल एक्टिव है। अपने क्षेत्र के थाने में जाकर आप शिकायत कर सकते हैं। पुलिस आपकी जानकारी गोपनीय रखती है। इसके अलावा आप साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। cybercrime.gov.in के जरिये भी शिकायत कर सकते हैं।
सवाल : टू स्टेप वेरिफिकेशन क्या है?- हिमांशु
जवाब : यह एक तरह का दोहरा सुरक्षा का घेरा है। व्हाट्सएप, फेसबुक, टेलीग्राम, गूगल समेत जरूरी एप पर टू स्टेप वेरिफिकेशन लगाना चाहिए। एप की सेटिंग में जाकर प्राइवेसी के जरिये इसे लगा सकते हैं। इसके लिए एक ओटीपी जनरेट किया जाता है और आपको एप का पिन बनाना होता है। यह पिन कभी किसी के साथ साझा न करें।
सवाल : कैसे पता लगाएं हैं कि हमारे नाम से कहां-कहां सिम एक्टिव हैं? -प्रेम सागर
जवाब : टेलीकॉम मिनिस्ट्री की वेबसाइट tefcop.in पर लॉगिन करके अपना नंबर सर्च करने पर ओटीपी मिलेगा। इससे यह पता लग सकता है कि जिस आईडी से यह नंबर लॉगिन है, उसी आईडी से और कितने नंबर जारी किए गए हैं। इसी वेबसाइट से आप अनधिकृत नंबरों को बंद भी करा सकते हैं।